26 अक्टूबर बृहस्पतिवार का राशिफल एवम पंचांग
मेष:आज आपको सामाजिक क्षेत्र में मान-सम्मान की प्राप्ति होगी। आप कोई नया व्यापार या काम शुरू करने का मन बना सकते हैं। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल होंगे। नौकरी पेशा वाले लोगों को पदोन्नति मिलने के योग हैं। आप का आज का दिन बेहद शुभ नजर आ रहा है। घर परिवार के साथ समय व्यतीत होगा। अध्ययन की योजना बनेगी । आप कहीं पर पूंजी निवेश करने की योजना बना सकते हैं, जो आपके लिए लाभदायक सिद्ध होगा। कानूनी मामलों में लापरवाही मत कीजिए। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।
वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी , वु , वे, वो)
आज आपको रचनात्मक कार्यों का प्रतिफल प्राप्त होगा। व्यापार में उन्नति मिलने के योग हैं। कानूनी मामलों में सफलता मिल सकती है। पति-पत्नी के बीच बेहतर तालमेल बने रहेंगे। मानसिक रूप से थोड़े परेशान नजर आ रहे हैं तो आप अपने ऊपर नकारात्मक विचारों को हावी मत होने दीजिए। पारिवारिक जिम्मेदारियों का पूर्ण ध्यान रखें। जीवनसाथी आपकी भावनाओं को समझेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।
मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आपकी आज अचानक धन लाभ मिलने की संभावना नजर आ रही है। सामाजिक दायरा बढ़ेगा। आपका दिन भागदौड़ भरा रहेगा। गुप्त शत्रुओं से सतर्क रहने की आवश्यकता है क्योंकि यह आपके कामकाज बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं। संतान की तरफ से हल्की चिंता रहेगी। नए-नए लोगों से दोस्ती हो सकती है लेकिन आप अनजान लोगों के ऊपर जरूरत से ज्यादा भरोसा मत कीजिए। स्वास्थ्य सही रहेगा।
कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज आप अपने प्रयासों से उन्नति पथ प्रशस्त करेंगे। जरूरतमंद लोगों की मदद करने का मौका मिल सकता है। नौकरी के क्षेत्र में बड़े अधिकारियों के साथ बेहतर तालमेल बने रहेंगे । मेहनत का फल मिलेगा। आप अपनी अधूरी इच्छाओं को पूरा करने की हर संभव कोशिश करेंगे। पारिवारिक माहौल अच्छा रहेगा। परिवार के सभी सदस्य आपका पूरा सपोर्ट करेंगे। व्यापार के सिलसिले में आप यात्रा पर जा सकते हैं, आपके द्वारा की गई यात्रा सफल रहेगी। स्वास्थ्य लाभ होगा।
सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज का दिन आपके लिए मिलाजुला रहने वाला है। शादीशुदा जिंदगी में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है फिर भी जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा । घर में किसी मांगलिक कार्यक्रम के आयोजन की चर्चा हो सकती है। माता-पिता के स्वास्थ्य में सुधार आएगा। विवाह योग्य लोगों को विवाह का रिश्ता मिल सकता है। आमदनी के अनुसार खर्चों पर कंट्रोल रखने की आवश्यकता है। आप अपने विरोधियों को परास्त करेंगे। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा।
कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज आप किसी लाभदायक यात्रा पर जा सकते हैं। नौकरी के क्षेत्र में लाभ मिलने की संभावना है। निवेश में फायदा मिल सकता है। किस्मत आपका पूरा साथ देगी। घरेलू सुख साधनों में बढ़ोतरी होगी। जीवनसाथी के साथ रोमांटिक समय व्यतीत करने का मौका मिल सकता है। गुप्त शत्रु आपको हानि पहुंचाने की कोशिश करेंगे परंतु यह सफल नहीं हो पाएंगे। धार्मिक कार्यों में आपका अधिक मन लगेगा। माता-पिता के साथ किसी मंदिर में दर्शन करने के लिए जा सकते हैं। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।
तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आपका आज का दिन मिलाजुला नजर आ रहा है। बड़े अधिकारियों को प्रसन्न करना काफी कठिन हो सकता है। दोस्तों के साथ मिलकर आप कोई नया व्यापार शुरू करने का मन बना सकते हैं। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। घर-परिवार के लोगों के साथ अच्छा समय व्यतीत करेंगे। व्यापार की समस्याओं का हल निकल सकता है। दूसरों के कार्यों में हस्तक्षेप मत कीजिए। नौकरी के क्षेत्र में कार्यभार अधिक रहेगा। स्वास्थ्य लाभ होगा।
वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आपको आज धन से जुड़े हुए मामलों में काफी सतर्क रहना होगा। आप किसी को भी पैसा उधार मत दीजिए। आप किसी यात्रा पर जा सकते हैं। पुराने मित्रों से मिलना-जुलना हो सकता है। व्यवहार कुशलता से समस्या का समाधान संभव है। पारिवारिक वातावरण सामान्य रहेगा। अचानक आप किसी महत्वपूर्ण मामले में निर्णय ले सकते हैं। लाभ के मार्ग प्रशस्त होंगे। स्वास्थ्य सही रहेगा।
धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज आप अपने प्रयासों से सफलता हासिल करेंगे। प्रभावशाली लोगों का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। आपका मन प्रसन्न रहने वाला है। कार्यप्रणाली में सुधार आएगा। काफी लंबे समय से अधूरे पड़े कार्य पूरे हो सकते हैं, जिससे आपका मन हर्षित होगा। जीवनसाथी के साथ संबंधों में मधुरता आएगा। पिताजी से व्यापार के विषय में बातचीत कर सकते हैं । स्वास्थ्य सुधार होगा।
मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आपका आज का दिन पहले के दिनों की अपेक्षा अच्छा रहेगा। आपका मन धर्म-कर्म के कामों में अधिक लगेगा। सत्संग से लाभ मिल सकता है। व्यापार अच्छा चलेगा। आपका मन प्रसन्न रहने वाला है। दोस्तों की मदद से रुके हुए काम पूरे होंगे। आप किसी सुखद यात्रा पर जा सकते हैं। रचनात्मक कामों में सफलता हासिल होगी। आपका मन कार्यों में लगेगा। आपके अधूरे सपने पूरे हो सकते हैं। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा।
कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज आपका दिन मिला जुला रहेगा । वाहन और मशीनरी के प्रयोग में सावधानी बरतने की आवश्यकता है। आप अपनी कीमती चीजों को संभाल कर रखें। कोई भी जोखिम लेने से बचना होगा। आमदनी के अनुसार खर्चा पर कंट्रोल रखने की आवश्यकता है। पारिवारिक जीवन सुखद रहने वाला है। परिवार में विवाद खत्म होगा और शांति एवं सुख बढ़ेगा। व्यापार में अच्छा मुनाफा मिलने के योग हैं। सवास्थ्य सही रहेगा।
मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज आपको प्रेम संबंधित मामलों में सफलता हासिल होगी। कानूनी बाधा दूर हो सकती है। परोपकारी स्वभाव होने से दूसरों की मदद करेंगे। कामकाज के प्रति आप लापरवाही मत कीजिए। कुछ जरूरी कामों को लेकर आपको अधिक भागदौड़ और मेहनत करनी पड़ सकती है परंतु आखिर में आपको सफलता मिलने के योग हैं। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।
🌞ll ~ वैदिक पंचांग ~ ll🌞*
🌤️ दिनांक – 26 अक्टूबर 2023
🌤️ दिन – गुरूवार
🌤️ विक्रम संवत – 2080
🌤️ शक संवत -1945
🌤️ अयन – दक्षिणायन
🌤️ ऋतु – हेमंत ॠतु
🌤️ मास – आश्विन
🌤️ पक्ष – शुक्ल
🌤️ तिथि – द्वादशी सुबह 09:44 तक तत्पश्चात त्रयोदशी
🌤️ नक्षत्र – पूर्वभाद्रपद सुबह 11:27 तक तत्पश्चात उत्तरभाद्रपद
🌤️ योग – ध्रुव सुबह 08:50 तक तत्पश्चात व्याघात
🌤️ राहुकाल – दोपहर 01:49 से शाम 03:15 तक
🌞 सूर्योदय-05:39
🌤️ सूर्यास्त- 05:37
👉 दिशाशूल- दक्षिण दिशा में
🚩 व्रत पर्व विवरण – प्रदोष व्रत
💥 विशेष – द्वादशी को पूतिका(पोई) अथवा त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)
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🌷 ग्रहण में क्या करें, क्या न करें 🌷
🌘 चन्द्रग्रहण और सूर्यग्रहण के समय संयम रखकर जप-ध्यान करने से कई गुना फल होता है। श्रेष्ठ साधक उस समय उपवासपूर्वक ब्राह्मी घृत का स्पर्श करके ‘ॐ नमो नारायणाय’ मंत्र का आठ हजार जप करने के पश्चात ग्रहणशुद्धि होने पर उस घृत को पी ले। ऐसा करने से वह मेधा (धारणशक्ति), कवित्वशक्ति तथा वाक् सिद्धि प्राप्त कर लेता है।
🌘 सूर्यग्रहण या चन्द्रग्रहण के समय भोजन करने वाला मनुष्य जितने अन्न के दाने खाता है, उतने वर्षों तक ‘अरुन्तुद’ नरक में वास करता है।
🌘 सूर्यग्रहण में ग्रहण चार प्रहर (12 घंटे) पूर्व और चन्द्र ग्रहण में तीन प्रहर (9) घंटे पूर्व भोजन नहीं करना चाहिए। बूढ़े, बालक और रोगी डेढ़ प्रहर (साढ़े चार घंटे) पूर्व तक खा सकते हैं।
🌘 ग्रहण-वेध के पहले जिन पदार्थों में कुश या तुलसी की पत्तियाँ डाल दी जाती हैं, वे पदार्थ दूषित नहीं होते। पके हुए अन्न का त्याग करके उसे गाय, कुत्ते को डालकर नया भोजन बनाना चाहिए।
🌘 ग्रहण वेध के प्रारम्भ में तिल या कुश मिश्रित जल का उपयोग भी अत्यंतआवश्यक परिस्थिति में ही करना चाहिए और ग्रहण शुरू होने से अंत तक अन्न या जल नहीं लेना चाहिए।
🌘 ग्रहण के स्पर्श के समय स्नान, मध्य के समय होम, देव-पूजन और श्राद्ध तथा अंत में सचैल (वस्त्रसहित) स्नान करना चाहिए। स्त्रियाँ सिर धोये बिना भी स्नान कर सकती हैं।
🌘 ग्रहण पूरा होने पर सूर्य या चन्द्र, जिसका ग्रहण हो उसका शुद्ध बिम्ब देखकर भोजन करना चाहिए।
🌘 ग्रहणकाल में स्पर्श किये हुए वस्त्र आदि की शुद्धि हेतु बाद में उसे धो देना चाहिए तथा स्वयं भी वस्त्रसहित स्नान करना चाहिए।
🌘 ग्रहण के स्नान में कोई मंत्र नहीं बोलना चाहिए। ग्रहण के स्नान में गरम जल की अपेक्षा ठंडा जल, ठंडे जल में भी दूसरे के हाथ से निकाले हुए जल की अपेक्षा अपने हाथ से निकाला हुआ, निकाले हुए की अपेक्षा जमीन में भरा हुआ, भरे हुए की अपेक्षा बहता हुआ, (साधारण) बहते हुए की अपेक्षा सरोवर का, सरोवर की अपेक्षा नदी का, अन्य नदियों की अपेक्षा गंगा का और गंगा की अपेक्षा भी समुद्र का जल पवित्र माना जाता है।
🌘 ग्रहण के समय गायों को घास, पक्षियों को अन्न, जरूरतमंदों को वस्त्रदान से अनेक गुना पुण्य प्राप्त होता है।
🌘 ग्रहण के दिन पत्ते, तिनके, लकड़ी और फूल नहीं तोड़ने चाहिए। बाल तथा वस्त्र नहीं निचोड़ने चाहिए व दंतधावन नहीं करना चाहिए। ग्रहण के समय ताला खोलना, सोना, मल-मूत्र का त्याग, मैथुन और भोजन – ये सब कार्य वर्जित हैं।
🌘 ग्रहण के समय कोई भी शुभ व नया कार्य शुरू नहीं करना चाहिए।
🌘 ग्रहण के समय सोने से रोगी, लघुशंका करने से दरिद्र, मल त्यागने से कीड़ा, स्त्री प्रसंग करने से सुअर और उबटन लगाने से व्यक्ति कोढ़ी होता है। गर्भवती महिला को ग्रहण के समय विशेष सावधान रहना चाहिए।
🌘 तीन दिन या एक दिन उपवास करके स्नान दानादि का ग्रहण में महाफल है, किन्तु संतानयुक्त गृहस्थ को ग्रहण और संक्रान्ति के दिन उपवास नहीं करना चाहिए।
🌘 भगवान वेदव्यासजी ने परम हितकारी वचन कहे हैं- ‘सामान्य दिन से चन्द्रग्रहण में किया गया पुण्यकर्म (जप, ध्यान, दान आदि) एक लाख गुना और सूर्यग्रहण में दस लाख गुना फलदायी होता है। यदि गंगाजल पास में हो तो चन्द्रग्रहण में एक करोड़ गुना और सूर्यग्रहण में दस करोड़ गुना फलदायी होता है।’
🌘 ग्रहण के समय गुरुमंत्र, इष्टमंत्र अथवा भगवन्नाम-जप अवश्य करें, न करने से मंत्र को मलिनता प्राप्त होती है।
🌘 ग्रहण के अवसर पर दूसरे का अन्न खाने से बारह वर्षों का एकत्र किया हुआ सब पुण्य नष्ट हो जाता है। (स्कन्द पुराण)
🌘 भूकंप एवं ग्रहण के अवसर पर पृथ्वी को खोदना नहीं चाहिए।(देवी भागवत)
🌘 अस्त के समय सूर्य और चन्द्रमा को रोगभय के कारण नहीं देखना चाहिए।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्णजन्म खं. 75.24)

