09 सितम्बर शुक्रवार का राशिफल एवम पंचांग

मेष:आज बिजनेस में रुका हुआ पैसा मिलने की संभावना है। आपको किसी विशेष काम में दूसरे लोगों की मदद भी मिलेगी, साथ ही परिवार के लोग आपके हर फैसले के साथ होंगे , जीवनसाथी के साथ भी बेहतर तालमेल बना रहेगा। ऑफिस में माहौल बनाने की आवश्यकता नहीं रहेगी। सेहत में भी आज कुछ गिरावट देखने को मिल सकती है। आपको अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए। आप किसी भी सहकर्मी के साथ मधुरता अवश्य रखें । आपकी सभी समस्याएं दूर होंगी।

वृष: आज समाज में आपको उचित आदर-सम्मान मिलेगा। आपके अच्छे व्यवहार से आसपास के लोग खुश रहेंगे। साथ ही आपकी अच्छी छवि निखर कर लोगों के सामने आयेगी। ऑफिस का काम समय पर पूरा हो जायेगा। किसी दोस्त की मदद से आपके कुछ निजी काम भी पूरे होने की संभावना है। आपको आर्थिक रूप से लाभ की प्राप्ति होगी । विद्या के क्षेत्र में आप आगे रहेंगे । भाई-बहनों के साथ रिश्तें बेहतर बने रहेंगे। दाम्पत्य जीवन में खुशहाली बनी रहेगी।

मिथुन: आज परिवार वालों के साथ धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन करवा सकते है। आपके मित्रों की संख्या में बढ़ोतरी हो सकती है। अचानक से कोई मददगार आपका अच्छा दोस्त बन सकता है। आर्थिक रूप से आपको लाभ की प्राप्ति होगी। आपके काम में नयापन आयेगा। अपनों से नजदीकियां बढ़ाने का अवसर मिलेगा। संतान पक्ष से आपको कोई शुभ समाचार मिलेगा। आपको अपनी मेहनत का पूरा फल मिलेगा। आपके कामकाज की क्षमता बढ़ेगी, जिससे कार्यक्षेत्र में आपका प्रभाव बढ़ने के योग हैं। लाभ के अवसर प्राप्त होंगे।

कर्क: आज आपको थोड़ी मेहनत से ही बड़ा मुनाफा होगा। आप जीवनसाथी के साथ डिनर का प्लान बनायेंगे। आप दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ेगी। बच्चे दोस्तों के साथ किसी पिकनिक पर जा सकते हैं। आपको करियर से जुड़ा कोई सुनहरा मौका मिलेगा। आपके कामकाज में बदलाव होने के योग बन रहे हैं। इस राशि के जो छात्र उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं, उनके सपने साकार होंगे। आपको अपने किसी काम में परिवार का सहयोग मिलेगा। आपकी सभी समस्याएं दूर होगी।

सिंह: आज आप खुद को ऊर्जावान महसूस करेंगे। आपके परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी, जिससे आपको आनंद की अनुभूति होगी। आपकी किसी खास व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है। आप किसी पारिवारिक विषय पर अपने घर के बड़ों से बात कर सकते हैं। माताएं अपने बच्चों को कुछ अच्छा बना कर खिला सकती है। अधिकारी वर्ग आपसे प्रसन्न होंगे। जीवनसाथी की कोई इच्छा पूरी करेंगे , आपका जीवनसाथी आपसे प्रसन्न रहेगा। धन में वृद्धि होगी। बेरोजगारो को रोजगार के अवसर मिलेंगे।

कन्या: आज आप सामाजिक कार्यों में हिस्सा लेंगे। कार्यालय में आपको कोई नया काम मिल सकता है, जिसमें आप अपनी मेहनत से सफल होंगे। परिवार से जुड़े किसी काम के लिए थोड़ी भागदौड़ हो सकती है। कोर्ट-संबंधी किसी काम के लिये आपको अपने वरिष्ठ की मदद मिलेगी। आज आप किसी दोस्त के घर जा सकते हैं। धन संपत्ति के मामलों में आपको सतर्क रहना चाहिए। आपके भौतिक सुख-सुविधाओं में बढ़ोतरी होगी। धर्म कर्म में रूचि बढ़ेगी।सेहत के लिहाज से सब अच्छा रहेगा।

तुला: आज आपकी सारी मनोकामना पूरी होगी। कुछ अच्छे लोगों से आपकी मुलाकात दिन को और बेहतर बना देगी। जीवन में तरक्की के नये रास्ते भी खुलेंगे। ऑफिस में आपके काम की तारीफ होगी। अपने कुछ खास काम निपटाने के लिए आपको अपने रूटीन में बदलाव करना पड़ सकता है। जीवनसाथी के साथ कुछ अच्छा समय बिता सकते है। अगर आप किसी तरह का निवेश करने की सोच रहे हैं, तो पहले उस विषय से जुड़े लोगो से सलाह करना उचित रहेगा। आपका स्वास्थ्य बेहतर रहेगा।

वृश्चिक: आज आपको बिजनेस के क्षेत्र में कुछ नए लोगों से मदद मिलेगी। आपका सामाजिक जीवन भी आज हर तरह से बेहतर बना रहेगा। कार्यक्षेत्र में आपको काम के लिए वाहवाही मिलेगी। आर्थिक स्थिति में प्रगति होगी। आप खुद को सही साबित करने में सफल रहेंगे। किसी काम को पूरा करने के लिए आपके दिमाग में कोई नया आईडिया आयेगा। अगर आप कुछ दिनों से अपने पेट दर्द की समस्या से परेशान है, तो आज आपको उससे छुटकारा मिलेगा। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा।

धनु: आज कुछ कामों में आपको अधिक समय लग सकता है, लेकिन काम में सफलता जरूर मिलेगी। किसी की राय आपके लिये कारगर साबित हो सकती है। दूसरों के सामने अपनी बात रखने की पूरी कोशिश करेंगे।आज जीवनसाथी के साथ आपको बातचीत में थोड़ी नरमी बरतनी चाहिए। धैर्य रखने पर आपके रिश्ते मधुर होंगे। योग करने से आपका स्वास्थ्य बेहतर बना रहेगा। आमदनी बढ़ाने के लिए कोई नया प्लान आपके दिमाग में आयेगा। कुल मिलाकर आज आपका दिन सामान्य रहने वाला है।

मकर: नौकरी कर रहे लोगों को आज नया प्रोजेक्ट मिल सकता है। आगे चलकर ये प्रोजेक्ट आपको फायदा दिलायेगा। इस राशि के विज्ञान के विद्यार्थियों के लिए आज का दिन ठीक-ठाक रहने वाला है। मेहनत के बल पर ही आपको अपने करियर में सफलता हासिल होगी। ऑफिस में एक साथ कई तरह के काम करने से आपको तनाव महसूस हो सकता है। कुछ कार्यों में ओवर कॉन्फिडेंस की स्थिति से आपको बचना चाहिए। किसी से मदद लेने में कोई बुराई नहीं है। आपके साथ सब अच्छा होगा।

कुंभ:आज का दिन आपके लिये बेहद लाभदायक रहेगा। आपका मूड काफी अच्छा रहेगा। आपके आत्मविश्वास में भी बढ़ोतरी होगी। आपको तरक्की के कुछ नये साधन मिलेंगे। आपको बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद प्राप्त होगा। घर पर छोटी-सी पार्टी का आयोजन कर सकते हैं। बिजनेस में सब कुछ सामान्य रूप से बना रहेगा। दाम्पत्य संबंधों में एक बार फिर से ताजगी भरने के लिये आज का दिन बढ़िया है। आप कुछ नयी उमंगों के साथ अपना कोई खास काम शुरू कर सकते हैं।

मीन :आज आपकी कुछ महत्वपूर्ण लोगों से मुलाकात हो सकती है। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए आज का दिन अनुकूल रहेगा। बचपन के किसी दोस्त से सम्पर्क हो सकता सकता है। बात के दौरान कुछ पुरानी यादें ताजा होंगी। आपके अधूरे काम भी आज पूरे हो जायेंगे। बिजनेस में नए एग्रीमेंट हो सकते हैं। संपत्ति बढ़ाने की कोई योजना सफल रहेगी। इस राशि के छात्र कोई नया कोर्स ज्वॉइन कर सकते हैं। आपको माता-पिता का पूरा सहयोग प्राप्त होगा। रुके हुए सारे काम पूरे होंगे।

🌞ll ~ वैदिक पंचांग ~ll🌞
🌤️ दिनांक – 09 सितम्बर 2022
🌤️ दिन – शुक्रवार
🌤️ विक्रम संवत – 2079
🌤️ शक संवत -1944
🌤️ अयन – दक्षिणायन
🌤️ ऋतु – शरद ॠतु
🌤️ मास – भाद्रपद
🌤️ पक्ष – शुक्ल
🌤️ तिथि – चतुर्दशी शाम 06:07 तक तत्पश्चात पूर्णिमा
🌤️ नक्षत्र – धनिष्ठा सुबह 11:35 तक तत्पश्चात शतभिषा
🌤️ योग – सुकर्मा शाम 06:12 तक तत्पश्चात धृति
🌤️ राहुकाल – सुबह 11:03 से दोपहर 12:36 तक
🌞 सूर्योदय – 05:20
🌦️ सूर्यास्त – 06:15
👉 दिशाशूल – पश्चिम दिशा में
🚩 व्रत पर्व विवरण – अनंत चतुर्दशी, गणेश महोत्सव समाप्त, व्रत पूर्णिमा
🔥 विशेष – चतुर्दशी और पूर्णिमा के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)

🌷 श्राद्ध पक्ष में अपनाए जाने वाले सभी मुख्य नियम
10 सितम्बर 2022 शनिवार से महालय श्राद्ध आरम्भ ।
👉🏻 1) श्राद्ध के दिन भगवदगीता के सातवें अध्याय का माहात्म पढ़कर फिर पूरे अध्याय का पाठ करना चाहिए एवं उसका फल मृतक आत्मा को अर्पण करना चाहिए।
👉🏻 2) श्राद्ध के आरम्भ और अंत में तीन बार निम्न मंत्र का जप करें l
मंत्र ध्यान से पढ़े :
🌷 ll देवताभ्यः पितृभ्यश्च महायोगिभ्य एव च l
नमः स्वाहायै स्वधायै नित्यमेव भवन्त्युत ll
🙏🏻 (समस्त देवताओं, पितरों, महायोगियों, स्वधा एवं स्वाहा सबको हम नमस्कार करते हैं l ये सब शाश्वत फल प्रदान करने वाले हैं l)
👉🏻 3) “श्राद्ध में एक विशेष मंत्र उच्चारण करने से, पितरों को संतुष्टि होती है और संतुष्ट पितर आपके कुल खानदान को आशीर्वाद देते हैं
मंत्र ध्यान से पढ़े :
🌷 ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं स्वधादेव्यै स्वाहा|
👉🏻 4) जिसका कोई पुत्र न हो, उसका श्राद्ध उसके दौहिक (पुत्री के पुत्र) कर सकते हैं l कोई भी न हो तो पत्नी ही अपने पति का बिना मंत्रोच्चारण के श्राद्ध कर सकती है l
👉🏻 5) पूजा के समय गंध रहित धूप प्रयोग करें और बिल्व फल प्रयोग न करें और केवल घी का धुआं भी न करें|

🌷 अनंत चतुर्दशी 🌷
09 सितम्बर 2022 शुक्रवार को अंनत चतुर्दशी है ।
🙏🏻 भाद्रपद मास के शुक्लपक्ष की चतुर्दशी को अनन्त चतुर्दशी कहा जाता है। इस दिन अनन्त भगवान की पूजा करके संकटों से रक्षा करने वाला अनन्तसूत्र बांधा जाता है।
🙏🏻 कहा जाता है कि जब पाण्डव जुएं में अपना सारा राज-पाट हारकर वन में कष्ट भोग रहे थे, तब भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें अनन्तचतुर्दशी का व्रत करने की सलाह दी थी। धर्मराज युधिष्ठिर ने अपने भाइयों तथा द्रौपदी के साथ पूरे विधि-विधान से यह व्रत किया तथा अनन्तसूत्रधारण किया। अनन्तचतुर्दशी-व्रत के प्रभाव से पाण्डव सब संकटों से मुक्त हो गए।
🙏🏻 व्रत-विधान-व्रतकर्ता प्रात:स्नान करके व्रत का संकल्प करें। शास्त्रों में यद्यपि व्रत का संकल्प एवं पूजन किसी पवित्र नदी या सरोवर के तट पर करने का विधान है, तथापि ऐसा संभव न हो सकने की स्थिति में घर में पूजागृह की स्वच्छ भूमि पर कलश स्थापित करें। कलश पर शेषनाग की शैय्यापर लेटे भगवान विष्णु की मूर्ति अथवा चित्र को रखें। उनके समक्ष चौदह ग्रंथियों (गांठों) से युक्त अनन्तसूत्र (डोरा) रखें। इसके बाद “ॐ अनन्तायनम:” मंत्र से भगवान विष्णु तथा अनंतसूत्र की षोडशोपचार-विधिसे पूजा करें। पूजनोपरांत अनन्तसूत्र को मंत्र पढकर पुरुष अपने दाहिने हाथ और स्त्री बाएं हाथ में बांध लें-
🌷 अनंन्तसागर महासमुद्रे मग्नान्समभ्युद्धर वासुदेव।
अनंतरूपे विनियोजितात्माह्यनन्तरूपाय नमो नमस्ते॥
🙏🏻 अनंतसूत्र बांध लेने के पश्चात किसी ब्राह्मण को नैवेद्य (भोग) में निवेदित पकवान देकर स्वयं सपरिवार प्रसाद ग्रहण करें। पूजा के बाद व्रत-कथा को पढें या सुनें। कथा का सार-संक्षेप यह है- सत्ययुग में सुमन्तु नाम के एक मुनि थे। उनकी पुत्री शीला अपने नाम के अनुरूप अत्यंत सुशील थी। सुमन्तु मुनि ने उस कन्या का विवाह कौण्डिन्यमुनि से किया। कौण्डिन्यमुनि अपनी पत्नी शीला को लेकर जब ससुराल से घर वापस लौट रहे थे, तब रास्ते में नदी के किनारे कुछ स्त्रियां अनन्त भगवान की पूजा करते दिखाई पडीं। शीला ने अनन्त-व्रत का माहात्म्य जानकर उन स्त्रियों के साथ अनंत भगवान का पूजन करके अनन्तसूत्र बांध लिया। इसके फलस्वरूप थोडे ही दिनों में उसका घर धन-धान्य से पूर्ण हो गया।
🌷 कथा
🙏🏻 एक दिन कौण्डिन्य मुनि की दृष्टि अपनी पत्नी के बाएं हाथ में बंधे अनन्तसूत्र पर पडी, जिसे देखकर वह भ्रमित हो गए और उन्होंने पूछा-क्या तुमने मुझे वश में करने के लिए यह सूत्र बांधा है? शीला ने विनम्रतापूर्वक उत्तर दिया-जी नहीं, यह अनंत भगवान का पवित्र सूत्र है। परंतु ऐश्वर्य के मद में अंधे हो चुके कौण्डिन्यने अपनी पत्नी की सही बात को भी गलत समझा और अनन्तसूत्रको जादू-मंतर वाला वशीकरण करने का डोरा समझकर तोड दिया तथा उसे आग में डालकर जला दिया। इस जघन्य कर्म का परिणाम भी शीघ्र ही सामने आ गया। उनकी सारी संपत्ति नष्ट हो गई। दीन-हीन स्थिति में जीवन-यापन करने में विवश हो जाने पर कौण्डिन्यऋषि ने अपने अपराध का प्रायश्चित करने का निर्णय लिया। वे अनन्त भगवान से क्षमा मांगने हेतु वन में चले गए। उन्हें रास्ते में जो मिलता वे उससे अनन्तदेवका पता पूछते जाते थे। बहुत खोजने पर भी कौण्डिन्यमुनि को जब अनन्त भगवान का साक्षात्कार नहीं हुआ, तब वे निराश होकर प्राण त्यागने को उद्यत हुए। तभी एक वृद्ध ब्राह्मण ने आकर उन्हें आत्महत्या करने से रोक दिया और एक गुफामें ले जाकर चतुर्भुज अनन्तदेव का दर्शन कराया।
🙏🏻 भगवान ने मुनि से कहा-तुमने जो अनन्तसूत्र का तिरस्कार किया है, यह सब उसी का फल है। इसके प्रायश्चित हेतु तुम चौदह वर्ष तक निरंतर अनन्त-व्रत का पालन करो। इस व्रत का अनुष्ठान पूरा हो जाने पर तुम्हारी नष्ट हुई सम्पत्ति तुम्हें पुन:प्राप्त हो जाएगी और तुम पूर्ववत् सुखी-समृद्ध हो जाओगे। कौण्डिन्यमुनि ने इस आज्ञा को सहर्ष स्वीकार कर लिया। भगवान ने आगे कहा-जीव अपने पूर्ववत् दुष्कर्मो का फल ही दुर्गति के रूप में भोगता है।मनुष्य जन्म-जन्मांतर के पातकों के कारण अनेक कष्ट पाता है। अनन्त-व्रत के सविधि पालन से पाप नष्ट होते हैं तथा सुख-शांति प्राप्त होती है। कौण्डिन्यमुनि ने चौदह वर्ष तक अनन्त-व्रत का नियमपूर्वक पालन करके खोई हुई समृद्धि को पुन:प्राप्त कर लिया।

         🌞 *~  पंचांग ~* 🌞

🙏🍀🌷🌻🌺🌸🌹🍁🙏

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *