डिजिटल ठगी का बढ़ता जाल: भागलपुर में साइबर अपराध की तेजी ने बढ़ाई चिंता,53 आरोपी गिरफ्तार, 91 एफआईआर दर्ज, 27 मामलों का सफलतापूर्वक निष्पादन

भागलपुर। भागलपुर में डिजिटल लेनदेन के बढ़ते चलन के साथ ही साइबर अपराध तेजी से पैर पसार रहा है। रोज़ाना करोड़ों रुपये के ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के बीच साइबर ठग नए-नए तरीकों से लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर धोखाधड़ी अब कानून-व्यवस्था के लिए एक बड़ी और रोज़मर्रा की चुनौती बन चुकी है। डिजिटल ठगी के बढ़ते मामलों ने आम लोगों के साथ-साथ प्रशासन की चिंता भी बढ़ा दी है। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस द्वारा सख्त कार्रवाई की गई है। अब तक 53 आरोपियों की गिरफ्तारी, 91 एफआईआर का पंजीकरण और 27 मामलों का सफलतापूर्वक निष्पादन

बकौल भागलपुर साइबर सेल के डीएसपी और साइबर थाना प्रभारी कनिष्क श्रीवास्तव वर्ष 2025 में साइबर अपराध की घटनाओं में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इस वर्ष अब तक साइबर पुलिस थाने में कुल 91 एफआईआर दर्ज की गई हैं। इनमें से 27 मामलों का सफलतापूर्वक निष्पादन किया गया है, जबकि 53 साइबर अपराधियों को 25 दिसंबर तक गिरफ्तार किया जा चुका है।

साइबर सेल का मानना है कि डिजिटल तकनीक ने आम लोगों के लिए सेवाओं को आसान जरूर बनाया है, लेकिन इसके साथ ही साइबर अपराधियों को भी नए अवसर मिले हैं। ‘आज नागरिकों के हाथ में डिजिटल सेवाएं हैं, लेकिन इसी डिजिटल विस्तार ने साइबर अपराध को भी बढ़ावा दिया है। इससे निपटना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।’

हाल के महीनों में सामने आए हाई-वैल्यू साइबर ठगी के मामलों ने पुलिस और आम जनता दोनों की चिंता बढ़ा दी है। एक वरिष्ठ नागरिक को तथाकथित ‘डिजिटल गिरफ्तारी’ के नाम पर 1 करोड़ 20 लाख रुपये की ठगी का शिकार बनाया गया। वहीं, एक बैंक प्रबंधक को शेयर बाजार और आईपीओ में निवेश का झांसा देकर एक फर्जी ऐप के माध्यम से 1 करोड़ 11 लाख रुपये का भुगतान करा लिया गया।

साइबर पुलिस की सक्रियता से हालिया मामलों में ठगों से 1 करोड़ 25 लाख रुपये की राशि बरामद कर पीड़ितों को वापस की गई है। इस कार्रवाई के तहत आरोपियों को पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद और राजस्थान के जोधपुर सहित विभिन्न राज्यों से गिरफ्तार किया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में भोली-भाली महिलाओं को ऋण दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले 11 साइबर ठगों को भी गिरफ्तार किया गया है। समय रहते की गई पुलिस कार्रवाई से कई मामलों में ठगी की रकम ठगों के खातों में ट्रांसफर होने से पहले ही रोक दी गई।

भागलपुर में सामने आ रहे साइबर अपराधों में प्रमुख रूप से शामिल हैं – फर्जी बिजली रिचार्ज और बिल भुगतान संदेश, केवाईसी अपडेट के नाम पर ठगी, क्रेडिट कार्ड और बैंकिंग धोखाधड़ी, फर्जी ऐप और संदिग्ध लिंक का प्रसार।

साइबर अपराध की रोकथाम के लिए पुलिस द्वारा लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।

इन कार्यक्रमों में फिशिंग, सेक्सटॉर्शन, ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड, पहचान की चोरी, और एआई के जरिए ब्लैकमेलिंग जैसे अपराधों की पहचान और बचाव के तरीकों पर जोर दिया जा रहा है। साइबर अपराध से निपटने में पुलिस और सरकारी तंत्र लगातार प्रयास कर रहे हैं, लेकिन आम नागरिकों की सतर्कता भी उतनी ही जरूरी है। साथ ही किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या लिंक से सावधान रहें और साइबर अपराध की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

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