मरते जदयू को झारखंड में मिलेगा “खीरू” ऑक्सीजन
रांचीः झारखंड में मरते जदयू को “खीरू” ऑक्सीजन मिलेगा। इसकी वजह यह है कि झारखंड में जदयू अपने अस्तित्व को बचाने के लिए लंबे समय से संघर्ष भी कर रही है। बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने खीरू महतो पर भरोसा जताया है। झारखंड गठन के बाद प्रदेश में जदयू के कई बड़े नेता हुआ करते थे। एक समय ऐसा था कि विधानसभा में जदयू के सात एमएलए थे। खीरू महतो भी एक दफा विधायक रह चुके हैं। आरपीसी सिंह के बेटिकट होने के बाद झारखंड से प्रवीण सिंह को बाहर का रास्ता दिखा दिया। इसकी वजह यह भी रही कि प्रवीण सिंह आरपीसी सिंह के काफी करीबी माने जाते थे। लेकिन ललन सिंह के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनते ही यह बदलाव हो गया। वहीं खीरू महतो जदयू के पुराने कैडर में से एक हैं। खीरू महतो को राज्यसभा का टिकट देना पार्टी में जान फूंकने की कोशिश मानी जा रही है। पहले झारखंड में कभी बीजेपी के सहयोगी दल के रूप में जदयू काफी मजबूत मानी जाती थी। लेकिन धीरे-धीरे इसका जनाधार गिरता ही चला गया। झारखंड में महतो समाज का करीब 25 फीसदी वोट है. ऐसे में खीरू को राज्यसभा भेजने से महतो समाज को नया विकल्प मिलेगा. इसके अलावे झारखंड में रहने वाले बिहार के लोग भी नीतीश के इस फैसले से जदयू से जुड़ेंगे.उम्मीद यह भी जताई जा रही है कि आने वाले समय में जदयू झारखंड में बेहतरीन प्रदर्शन करेगी।

