सुखाड़ की हालात से सरकार के उड़े होश, सीएस की अध्यक्षता में होगी समीक्षा, 15 फीसदी से भी कम हुई है धान की बुआई

रांचीः राज्य से सुखाड़ की हालात से सरकार के होश उड़ गए हैं। शुक्रवार को हुई कैबिनेट की बैठक में इस समले पर लंबी चर्चा भी हुई। सूत्रों के अनुसार जल्द ही राज्य में उपजे सुखाड़ के हालात पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक होगी। वहीं कृषि विभाग और 10 दिन बारिश का इंतजार करेगी। अब तक प्रदेश में 45 फीसदी से भी कम बारिश हुई है। वहीं धान की बुआई 15 फीसदी से भी कम हुई है। सुखाड़ को लेकर केंद्र सरकार ने जो मानक तय किया है उस मानक के अनुरूप झारखंड के वर्तमान हालात है. इसको देखते हुए कृषि विभाग ने 21 जुलाई से झारखंड राज्य फसल राहत योजना की शुरुआत कर दी है. कृषि विभाग के अनुसार अब तक आठ हजार से अधिक किसानों ने अपना निबंधन भी करवा लिया है. विभाग ने तीन हजार और चार हजार रुपया प्रति एकड़ के हिसाब से किसानों को मुआवजा देने का निर्णय लिया है. बताते चलें कि सूबे में 2019 में सुखाड़ की घोषणा हुई थी, लेकिन किसानों को मुआवजा नहीं मिला था. झारखंड में सामान्य परिस्थिति में 15 जुलाई तक धान की 80 फीसदी और 31 जुलाई तक शत-प्रतिशत रोपाई हो जाती है. इस साल 28 जुलाई तक धान की रोपाई 10 फीसदी ही हो पाई है। 45 फीसदी से भी कम बारिश हुई है।
सुखाड़ घोषित करने के क्या हैं मानक
15 जून से 30 सितंबर तक 75 फीसदी से कम बारिश
फसल बुआई 50 फीसदी से होनी चाहिये कम
नॉर्मल डिफरेंशियल वेजिटेशन(एनडीवीआई) 0.4 फीसदी से होना चाहिये कम
आद्रता 0.4 फीसदी से होना चाहिये कम

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