निर्वाचन तैयारियों की बारीकी पर जिलाधिकारी की नजर, डिस्पैच सेंटर पर ईवीएम कमीशनिंग प्रक्रिया का किया गहन निरीक्षण
भागलपुर। बिहार विधानसभा आम निर्वाचन 2025 की तैयारी में भागलपुर जिला प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ जुट गया है। चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आज जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने राजकीय पॉलिटेक्निक, बरारी स्थित डिस्पैच सेंटर पहुंचकर ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) की कमीशनिंग प्रक्रिया का गहन निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अलग-अलग टेबलों पर चल रही तकनीकी प्रक्रियाओं का बारीकी से अवलोकन किया और अधिकारियों से आवश्यक जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक चरण में निर्धारित दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि मतदान के दिन किसी प्रकार की तकनीकी या प्रबंधन से जुड़ी कठिनाई न हो।डॉ. चौधरी ने बताया कि आज नाथनगर विधानसभा क्षेत्र में 7 राउंड तथा भागलपुर विधानसभा क्षेत्र में लगभग 5 राउंड की कमीशनिंग की गई। प्रत्येक राउंड में 20 टेबल स्थापित किए गए हैं, जिन पर चुनाव कर्मी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ईवीएम की जांच और सेटिंग का कार्य कर रहे हैं।उन्होंने स्पष्ट किया कि ईवीएम की कमीशनिंग का अर्थ है – बैलेट यूनिट के सभी 15 बटनों के सामने प्रत्याशी का क्रमांक, राजनीतिक दल का नाम और चुनाव-चिह्न का सही ढंग से अंकन करना। वहीं, 16वां बटन हमेशा की तरह “नोटा” (NOTA) यानी “उपरोक्त में से कोई नहीं” के विकल्प के लिए सुरक्षित रहता है।इस अवसर पर सहायक समाहर्ता जतिन कुमार तथा ईवीएम कमीशनिंग के नोडल पदाधिकारी-कम-जिला बंदोबस्त पदाधिकारी श्री अजय कुमार भी उपस्थित थे। उन्होंने जिलाधिकारी को पूरी प्रक्रिया की प्रगति और सुरक्षा प्रोटोकॉल की जानकारी दी।नोडल पदाधिकारी ने बताया कि भागलपुर और नाथनगर विधानसभा क्षेत्रों से संबंधित निर्वाचन प्रेक्षकगण भी मौके पर उपस्थित रहकर कमीशनिंग की पूरी प्रक्रिया का निरीक्षण कर रहे हैं, जिससे पारदर्शिता और निष्पक्षता बनी रहे।जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य है कि भागलपुर जिले में मतदान स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मियों को सतर्कता, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का निर्देश दिया। चुनाव लोकतंत्र का सबसे बड़ा पर्व है, और प्रशासन की यह जिम्मेदारी है कि हर मतदाता को विश्वास और सुविधा के साथ मतदान का अवसर मिले,” – डॉ. नवल किशोर चौधरी, जिलाधिकारी, भागलपुर।



