उपायुक्त ने किया लातेहार प्रखंड के विभिन्न पंचायतों एवं ग्रामों का निरीक्षण
लातेहार :उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता ने बुधवार को लातेहार प्रखंड के विभिन्न पंचायतों एवं ग्रामों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान विकासात्मक योजनाओं के क्रियान्वयन, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की स्थिति तथा मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता का जायज़ा लिया गया।
निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने धनकारा पंचायत के मननचोटाग ग्राम स्थित जनजातीय कल्याण अस्पताल का निरीक्षण किया तथा स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति की समीक्षा की। इसके पश्चात PMEGP योजना के अंतर्गत संचालित Banana Ripening Unit का निरीक्षण किया और उद्यमिता को बढ़ावा देने हेतु आवश्यक निर्देश दिए।
इसके अलावा उपायुक्त ने +2 हाई स्कूल, नावागढ़ निरीक्षण के क्रम में विद्यालय में शिक्षण व्यवस्था, उपस्थिति पंजी, प्रयोगशाला, पुस्तकालय एवं स्वच्छता की स्थिति की जांच की तथा छात्रों की शैक्षणिक प्रगति के संबंध में शिक्षकों से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने विद्यालय में पठन-पाठन की गुणवत्ता में और सुधार लाने के निर्देश दिए।
पंचायत सचिवालय, नावागढ़ के निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने सरकारी योजनाओं से संबंधित अभिलेखों की जांच की तथा आमजन को दी जा रही सेवाओं की जानकारी ली। उन्होंने उपस्थित कर्मियों को सभी योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
स्वास्थ्य केन्द्र नावागढ़ के निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने दवा भंडारण, प्रसव कक्ष, ओपीडी एवं टीकाकरण की व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों को स्वच्छता एवं मरीजों की सुविधा पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान ग्राम नावागढ़ में लाखो देवी के अबुआ आवास का गृह प्रवेश संपन्न कराया गया।
मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्यम विकास बोर्ड द्वारा चयनित शिल्पकारों द्वारा बनाये गए इलेक्ट्रिक चाक एवं मिट्टी से बने अन्य वस्तुओं को देखा एवं स्थानीय ग्रामीणों (शिल्पकारों) से संवाद स्थापित कर उनके कार्यों की सराहना की गई। उपायुक्त के द्वारा कुल सात लाभुकों के बीच इलेक्ट्रॉनिक चाक का वितरण किया गया।
धनकारा पंचायत के नावाडीह ग्राम में उपायुक्त ने बांस आधारित उत्पादों का अवलोकन किया तथा स्थानीय बांस हस्तशिल्पकारों से विस्तारपूर्वक चर्चा की। उपायुक्त ने हस्तशिल्पकारों द्वारा निर्मित उत्पादों की सराहना की और उन्हें उद्यमिता के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने कहा कि बांस आधारित उत्पाद न केवल स्थानीय आजीविका सशक्तिकरण का माध्यम हैं, बल्कि पारंपरिक कला और संस्कृति के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को हस्तशिल्पकारों को तकनीकी प्रशिक्षण, विपणन सहायता एवं आवश्यक सहयोग प्रदान करने का निर्देश दिया।
इसके पश्चात उपायुक्त ने आंगनवाड़ी केन्द्र, नावाडीह का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान बच्चों के पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य जांच, वजन मापन एवं साफ-सफाई की स्थिति की समीक्षा की गई। उन्होंने आंगनवाड़ी सेविकाओं को बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा पोषाहार की गुणवत्ता बनाए रखने का निर्देश दिया। इस अवसर पर अन्नप्राशन एवं गोदभराई किया गया।
उपायुक्त ने निरीक्षण के दौरान उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी विकास योजनाओं का क्रियान्वयन पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से सुनिश्चित किया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में सतत विकास एवं आजीविका सशक्तिकरण के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके।
मौके पर उप विकास आयुक्त श्री सैय्यद रियाज अहमद, आईटीडीए निदेशक श्री प्रवीण कुमार गगराई, अपर समाहर्ता श्री रामा रविदास, उप निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती मेरी मड़की, डीआरडीए निदेशक श्री प्रवीण कुमार गगराई, अनुमंडल पदाधिकारी लातेहार श्री अजय कुमार रजक, विशेष कार्य पदाधिकारी गोपनीय शाखा श्री श्रेयांश, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्रीमती अल्का हेंब्रम, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ चंदन, संबंधित कार्यपालक अभियंता, अन्य संबंधित पदाधिकारी, कर्मी उपस्थित थे।



