खूंटी कचहरी परिसर में शिलान्यास स्थल बदलने की मांग, धरोहर पितौंजी पेड़ को बचाने की अपील
खूंटी : 16 सितंबर को खूंटी कचहरी परिसर में बार भवन का शिलान्यास मुख्यमंत्री झारखंड एवं झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के कर-कमलों से होने वाला है। इसको लेकर कार्यक्रम स्थल पर विवाद खड़ा हो गया है।
पूर्व जिलाध्यक्ष झारखंड विकास मोर्चा, दिलीप मिश्रा ने उपायुक्त खूंटी को आवेदन सौंपकर आग्रह किया है कि शिलान्यास स्थल को दस कदम आगे बढ़ाया जाए। उनका कहना है कि वर्तमान चयनित स्थल पर ब्रिटिश काल में लगाए गए दो विशाल पितौंजी पेड़ मौजूद हैं। यह पेड़ औषधीय गुणों से युक्त, विलुप्त होने वाली प्रजाति का धरोहर है। दिन में राहगीरों को छाया और रात में पक्षियों को बसेरा प्रदान करने वाले इन पेड़ों को काटे बिना भवन निर्माण संभव नहीं है।
मिश्रा ने सुझाव दिया है कि शिलान्यास का कार्यक्रम पुराने कोषागार भवन और उपभोक्ता फोरम कार्यालय के पास किया जा सकता है। दोनों भवन जर्जर एवं अनुपयोगी स्थिति में हैं। इस परिवर्तन से न केवल पेड़ बच सकेंगे बल्कि बार भवन का निर्माण भी सुचारु रूप से संपन्न हो सकेगा।
स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से अपील की है कि खूंटी की इस प्राकृतिक धरोहर को संरक्षित रखा जाए।



