आरआरडीए संपत्तियों के हस्तांतरण पर वीसी के खिलाफ शिकायत, जांच की मांग
रांची: आरआरडीए दुकानदार महासंघ ने अपनी समस्याओं को लेकर नगर विकास विभाग के सचिव को पत्र दिया है। महासंघ के अध्यक्ष अध्यक्ष आनंद कोठारी ने कहा कि रांची क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष (वीसी) के खिलाफ शक्ति के दुरुपयोग और कथित गैर-कानूनी कार्यों को लेकर शिकायत दर्ज किया गया है। आरोप है कि वीसी ने आरआरडीए के 5 महत्वपूर्ण मार्केटिंग कॉम्प्लेक्स और 22 कियोस्क को मात्र 11 करोड़ रुपये के न्यूनतम मूल्य पर रांची नगर निगम को हस्तांतरित करने का निर्णय लिया है, जो गंभीर अनियमितता का मामला है।
वीसी एक लोक सेवक हैं, जिनकी जिम्मेदारी संस्था के संचालन और विकास की है, न कि उसे कमजोर करने की। नीतिगत निर्णय लेने का अधिकार आरआरडीए के निदेशक मंडल को है, जबकि इस तरह की संपत्ति हस्तांतरण जैसी प्रक्रिया के लिए मंत्री परिषद और राज्यपाल की स्वीकृति आवश्यक होती है।
इस निर्णय से आरआरडीए को भारी वित्तीय नुकसान होने की आशंका है। साथ ही, 750 से अधिक किरायेदारों के अधिकार प्रभावित होंगे, जो वर्षों से यहां व्यवसाय कर अपनी जीविका चला रहे हैं। इससे लगभग 10,000 लोगों की आजीविका पर संकट खड़ा हो सकता है।
आरोप यह भी है कि बिना सार्वजनिक जानकारी और राय के यह निर्णय लिया गया, जो प्रशासनिक प्रक्रिया का उल्लंघन है।
हम मांग करते हैं कि इस निर्णय को तुरंत रोका जाए, मामले की उच्च स्तरीय जांच हो, दोषियों पर कार्रवाई की जाए और किरायेदारों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए, ताकि आरआरडीए जैसी संस्था को कमजोर होने से बचाया जा सके।



