सरकारी योजनाओं का लाभ राज्य के अंतिम कृषक बंधुओं तक पहुंचे: दीपिका पाण्डेय

नेपाल हाउस में कृषि मंत्री ने विभागीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए दिशा- निर्देश

रांची: राज्य में कृषि और कृषकों को बढ़ावा देने के लिए कृषि पशुपालन एवम सहकारिता मंत्री दीपिका पाण्डेय सिंह लगातार विभागीय समीक्षा कर रही हैं। इसी कड़ी में बुधवार को नेपाल हाउस स्थित मंत्रालय में कृषि मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने कृषि एवं कृषि संबंधित योजनाओं की समीक्षा बैठक की।

बैठक में कृषि निदेशालय, पशुपालन निदेशालय,गव्य निदेशालय, उद्यान निदेशालय, मत्स्य निदेशालय एवं सहकारिता निदेशालय के अंतर्गत राज्य एवं केंद्र प्रायोजित चालू योजना के प्रगति एवं क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। कृषि निदेशक डॉक्टर कुमार ताराचंद ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024- 25 में कृषि निदेशालय से संबंधित योजनाओं का लाभ राज्य के लगभग चार लाख 12000 कृषकों को दिया गया है एवं दो लाख से अधिक किसानों तक योजनाओं का लाभ जल्द पहुंचाने की उम्मीद है।झारखंड कृषि ऋण माफी योजना अंतर्गत वैसे किसान जिनकी बकाया राशि 2 लाख तक है उन्हें चिन्हित कर लिया गया है। उनकी ऋण माफी इसी महीने में कर दी जाएगी। झारखंड राज्य मिलेट मिशन के अंतर्गत अभी तक 9722 किसानों को का पंजीकरण किया जा चुका है। पंजीकरण की प्रक्रिया अभी चालू है। जिसका लाभ राज्य के कृषक उठा सकते हैं।किसान समृद्धि योजना अंतर्गत ग्राम सभा द्वारा पारित 4960 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। गौरतलब है कि किसान समृद्धि योजना के अंतर्गत लगभग 6738 सौर ऊर्जा आधारित पंप सेट का वितरण किया जाना है। पशुपालन निदेशक किरण पासी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 20-24-25 में मत्स्य उत्पादन का लक्ष्य 3.5 लाख मैट्रिक टन रखा गया है तथा अभी तक लगभग 1.1 मेट्रिक टन का उत्पादन किया जा चुका है। अगले 60 दिनों में 7500 मत्स्य जीवन के मध्य मत्स्य बीज कर एवं जल का वितरण सब्सिडी के साथ किया जाएगा। मत्स्य के विपणन हेतु 30 पिकअप वैन का वितरण सब्सिडी अधिकतम 3.6 लाख पर किया जाएगा। वेदव्यास आवास योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 20 में 260 मत्स्य जीवन को पक्का मकान बनाने हेतु प्रति इकाई 191200 तक की सहायता राशि दी जाएगी। श्रीमती किरण पासी ने बताया कि पशुपालकों के बीच 5000 से अधिक गायों का वितरण किया जाएगा। वहीं कृषि मंत्री ने पशु चिकित्सकों की नियुक्ति की जानकारी ली तथा कहा कि चलंत वेटरनरी यूनिट्स को जल्द से जल्द प्रखंड को भेजा जाए। रजिस्टर सहकारिता सूरज कुमार ने जानकारी दी की बरसा फसल बीमा योजना अंतर्गत लगभग 10 लाख किसानों ने अपना पंजीकरण करवाया है। मंत्री ने निर्देश दिया कि सहकारिता समिति को सुधीर किया जाए ताकि किसानों का क्षमता निर्माण हो सके। जिसके फलस्वरूप किसने की आय में वृद्धि हो और वह स्वावलंबी बन सके। वहीं बैठक में कृषि मंत्री ने विभागीय अधिकारियों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि सभी को एक टीम के जैसा कार्य करना चाहिए। ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ राज्य के अंतिम कृषि कृषक बंधु तक पहुंच सके।बैठक में सचिव कृषि पशुपालन एवं साक्षरता विभाग अबू बकर सिद्दीकी, विशेष सचिव कृषि पशुपालन सहकारिता गोपाल जी तिवारी, विशेष सचिव सलाहकार प्रदीप हजारी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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