झारखंड़ सरकार की झारखंडियों का हितैसी बनने का ढोंग की खुली पोल : दीपक प्रकाश
रांची: झारखंड़ भाजपा के निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश ने राज्य की हेमन्त सोरेन सरकार के द्वारा नगर विकास एवं आवास विभाग के अंतर्गत नगर निवेशक के पद पर 60 प्रतिशत बाहरी लोगों की नियुक्ति किये जाने पर कटाक्ष किया है।
श्री प्रकाश ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि वर्तमान हेमन्त सोरेन सरकार की कथनी और करनी में अंतर को साफ साफ देखा जा सकता है। एक तरफ हेमन्त सोरेन की सरकार राज्य की जनता को 1932 आधारित स्थानीय नीति एवं नियोजन नीति लागू करने की बात कह कर झांसा देती है। लेकिन जब नियुक्ति देने की बारी आती है तो हेमन्त सरकार बाहरियों को प्राथमिकता देती हुई नजर आती है।
श्री प्रकाश ने कहा कि हेमन्त सोरेन की सरकार सरकारी तथा गैरसरकारी कंपनियों में राज्य के 75 प्रतिशत स्थानीय युवाओं को नौकरी देने की बात करती रही है।आ।लेकिन इस भ्रष्टाचार के आकंठ में डूबी सरकार की दोहरा चरित्र देखिये की इन्होंने नगर विकास तथा आवास विभाग के अंतर्गत नगर निवेशक के पद हेतु 28 रिक्तियां निकाली थी। इन 28 रिक्तियों में से 17 अभ्यर्थी (लगभग 60%) झारखंड़ से बाहर के हैं,जिनका चयन किया गया है।
उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा कहती रही है कि झामुमो,कांग्रेस और राजद के गठबंधन में चल रही सरकार की मंशा एवम नीति कभी भी झारखंड़ के आदिवासी-मूलवासी हित में नहीं रही है। ये हमेशा झारखंड़ के भोले भाले जनता की जज्बातों के साथ खेलती रही है।

