खूंटी में नदी बचाओं अभियान में ग्रामीणों के साथ डीसी ने किया श्रमदान,बोरीबांध का किया निर्माण
खूंटी : जल है तो कल है,जल ही जीवन है,इत्यादि कई तरह के स्लोगन अक्सर आप लोगों को देखने और सुनने को मिलती होगी.गर्मी के समय में तो सरकार भी इसपर विशेष रूप से लोगों को जागरूक करती है. झारखण्ड जैस पठारी क्षेत्रों में पानी की सबसे बड़ी समस्या है.
जल का संरक्षण बहुत जरुरी है.नदी में अवैध ढंग से बालू का उठाव होने से नदी का अतित्व समाप्त होता जा रहा है.
नदी में पानी नहीं है.पानी नहीं रहने के खेतों में सिंचाई की समस्या उत्पन्न हो रही है. वहीं खूंटी में सामाजिक संस्था द्वारा नदी में बोरीबांध बनकर जल का संरक्षण किया जा रहा है.खूंटी के मुरहू में ग्रामीणों द्वारा श्रमदान कर बोरीबांध का निर्माण किया गया. ऐसे प्रयास को जिला प्रशासन ने भी काफी तारीफ की है.
जिले के डीसी शशि रंजन और प्रखंड विकास पदाधिकरी मिथिलेश कुमार सिंह अपने खुद ग्रामीणों के साथ श्रमदान कर बोरिबांध बनाने में मदद की है.डीसी के श्रमदान से ग्रामीणों में और भी उत्साह का संचार हो गया.बड़ी संख्या में ग्रामीण भी जुट गए.
वहीं डीसी शशि रंजन ने कहा कि ग्रामीणों द्वारा नदी बचाओं अभियान के तहत बोरीबांध का निर्माण करना अपने आप में बहुत बड़ा काम है.इसकी जितनी भी तारीफ की जाय वह कम है.उन्होंने कहा कि नदी को बचाना, जल का संरक्षण करना बहुत ही पुण्य का काम होता है. यह एक बहुत बड़ा अभियान है.ग्रामीणों के श्रमदान से बोरीबांध बनाकर नदी को बचाया जा रहा है. इससे आसपास के क्षेत्रों में पानी की समस्या नहीं होगी. खेतों में सिचाई की सुविधा होगी.जिला प्रशासन हर संभव इस ग्रामीणों को करेगा.इस अवसर पर मुरहू प्रखंड के गनलोया की स्थानीय पंचायत समिति क जनप्रतिनिधि मोजूद थे.

