भागलपुर: गांव की बेटियां आगे निकलीं, ग्रामीण महिलाओं ने शहरी महिलाओं को पछाड़ा

भागलपुर। लोकतंत्र के इस पर्व में इस बार सबसे बड़ी कहानी गांवों की महिलाओं ने लिख दी। भागलपुर जिले के विधानसभा चुनावों में ग्रामीण और अर्ध-शहरी महिलाओं ने शहरी महिलाओं को काफी पीछे छोड़ दिया। जहां शहरों की महिलाएं वोटिंग बूथ तक पहुंचने में पीछे रह गईं, वहीं गांवों की महिलाएं सुबह-सुबह कतारों में सबसे आगे दिखीं – साड़ी की ओट में लोकतंत्र को नया सम्मान देने के लिए।

आंकड़े बताते हैं कि भागलपुर शहर, जिसे शिक्षा और जागरूकता का केंद्र माना जाता है, वहां महिला मतदान सिर्फ 55.44% रहा। इसके विपरीत ग्रामीण इलाकों में महिलाओं की भागीदारी ने सबको हैरान कर दिया। सबसे आगे रहा कहलगांव विधानसभा क्षेत्र, जहां महिलाओं ने 76.32% मतदान किया, जबकि पुरुषों का प्रतिशत 70.12% रहा। कुल मतदान 73.09% रहा – यानी यहां महिलाओं ने पुरुषों को भी पछाड़ दिया। पीरपैंती में 74.47% महिलाओं ने वोट डाले, जबकि पुरुषों का प्रतिशत 69.15% रहा।नाथनगर तीसरे स्थान पर रहा जहां 72.38% महिलाएं और 70.77% पुरुषों ने मतदान किया। गोपालपुर में महिलाओं का मतदान 70.90%, पुरुषों का 67.59%, जबकि सुल्तानगंज में 68.14% महिलाएं मतदान के लिए घरों से बाहर निकलीं। बिहपुर में 67.20% महिलाओं और 64.05% पुरुषों ने लोकतंत्र का उत्सव मनाया।

इन सबके बीच, भागलपुर शहर की स्थिति सबसे चिंताजनक रही। यहां शिक्षित और आधुनिक कहे जाने वाले वर्ग ने मतदान में सबसे कम रुचि दिखाई।

चुनाव विभाग के आंकड़ों के अनुसार, भागलपुर विधानसभा क्षेत्र में 3,43,992 मतदाताओं में से 93,200 महिलाएं और 1,03,300 पुरुषों ने मतदान किया। इसके विपरीत, कहलगांव में 1,65,214 महिलाएँ और 1,25,500 पुरुषों ने 3,44,263 मतदाताओं में से वोट डाले। पीरपैंती में 1,66,379 महिलाओं और 1,23,000 पुरुषों ने 3,44,278 मतदाताओं में भाग लिया। इसी तरह, नाथनगर, गोपालपुर, सुल्तानगंज और बिहपुर में भी महिलाओं की भागीदारी लगातार पुरुषों से आगे रही।

जिला निर्वाचन कार्यालय के अनुसार, पूरे जिले में कुल 22,18,492 मतदाता हैं – जिनमें 11,43,917 पुरुष, 10,74,488 महिलाएं, 87 थर्ड जेंडर मतदाता, 21,749 दिव्यांगजन और 29,093 वरिष्ठ नागरिक शामिल हैं।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी नवल किशोर चौधरी ने बताया कि पूरे जिले में शांतिपूर्ण मतदान हुआ और मतदान प्रतिशत में सुधार देखा गया। उन्होंने कहा, हम पूरी तरह संतुष्ट हैं। महिलाओं की भागीदारी लोकतंत्र की सबसे सकारात्मक तस्वीर है। उन्होंने यह भी बताया कि शुक्रवार को होने वाली मतगणना के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हृदयकांत के साथ सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई है ताकि मतगणना प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और शांतिपूर्ण रहे।

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