सिविल विभाग की लापरवाही : चूरी में दूषित पानी की सप्लाई जारी, ग्रामीणों में आक्रोश
खलारी (गणादेश) : एनके एरिया के सिविल विभाग प्रमुख सुमन कुमार द्वारा बीते दिनों चूरी में पानी सप्लाई सिस्टम के निरीक्षण और उसके बाद हुए मरम्मत कार्यों के बावजूद चूरी में पेयजल संकट बरकरार है। बीते छह दिनों से खराब ट्रांसफार्मर ठीक होने के बाद जब दोबारा पानी की सप्लाई शुरू हुई, तो एक बार फिर पीला पानी आने से कालोनीवासियों में भारी आक्रोश है। कॉलोनीवासी इसे सिविल विभाग की घोर लापरवाही बता रहे हैं।
अधिकारी के दौरे के बाद भी स्थिति जस की तस
बीते 25 मई को एनके एरिया के सिविल विभाग प्रमुख सुमन कुमार ने चूरी में पानी सप्लाई का निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने चूरी कॉलोनी में पीले पानी की सप्लाई का संज्ञान लिया और वाटर सप्लाई सिस्टम का जायजा लेते हुए कई आवश्यक निर्देश दिए थे। यह 30 वर्षों बाद पहला अवसर था जब किसी बड़े अधिकारी ने चूरी जंगल में बने पानी टंकी पर जाकर सप्लाई सिस्टम को परखा था। उन्होंने कई सालों से बंद पड़े शेडिमेंटेशन टैंक को जल्द से जल्द चालू करने और चूरी पंप हाउस में लगे वाटर सप्लाई सिस्टम को दुरुस्त करने के निर्देश दिए थे। अधिकारी सुमन कुमार ने यह भी आश्वस्त किया था कि चूरी में फिल्टर पानी की व्यवस्था के लिए विभाग गंभीरता से काम करेगा और खराब पड़े वाल्व व अन्य उपकरणों को ठीक किया जाएगा।
सोनू पांडेय का आरोप, सिविल विभाग की सरासर लापरवाही
सुमन कुमार ने चूरी में पानी फिल्टर करने के लिए प्रेशर फिल्टर बेड स्कीम बनाने की बात भी कही थी, जिसके लिए मुख्यालय से स्वीकृति लेने की उम्मीद जताई गई थी। उन्होंने यह भी बताया था कि शेडिमेंटेशन टैंक सात दिनों में शुरू कर दिया जाएगा, जिससे स्टोरेज पानी को स्थिर कर उसकी सप्लाई की जा सके।
हालांकि, उनके दौरे के बाद कुछ काम तो हुए, लेकिन बीते छह दिनों से खराब ट्रांसफार्मर बनने के बाद जब पानी की सप्लाई हुई तो यह स्पष्ट हो गया कि समस्या जस की तस बनी हुई है। आरसीएमएस के चूरी शाखा सचिव सोनू पांडेय का कहना है कि यह सिविल विभाग की सरासर लापरवाही है कि हाल ही में मरम्मत किए गए काम का नतीजा फिर से वही पुरानी समस्या के रूप में सामने आया है। उनका कहना है कि अगर जल्द ही गंदे पानी की सप्लाई की समस्या को ठीक नहीं किया गया, तो इसकी शिकायत सीएमडी (अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक) से की जाएगी। उनकी मांग है कि इस गंभीर समस्या का जल्द से जल्द स्थायी समाधान किया जाए ताकि उन्हें स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके।
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