गंगोत्री समाज को साधने भागलपुर पहुंचे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल
प्रदीप विद्रोही, भागलपुरl बिहार विधानसभा चुनाव की सरगर्मी के बीच भारतीय जनता पार्टी ने जातिगत समीकरणों को साधने की कोशिशें तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में रविवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल का भागलपुर आगमन हुआ। कार्यकर्ताओं ने चौक-चौराहों पर फूलों की वर्षा कर, नारे लगाकर और पोस्टर लहराकर उनका भव्य स्वागत किया। टाउन हॉल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रदेश कार्यसमिति सदस्य पवन मिश्रा ने मंच पर कमल पुष्पों के गुलदस्ते और मालाओं से दिलीप जायसवाल का स्वागत किया। इस दौरान मौजूद भारी भीड़ उत्साह से भर उठी। कार्यकर्ताओं ने “ऑपरेशन सिंदूर” और “ऑपरेशन तंदूर” के नारे लगाकर माहौल को पूरी तरह चुनावी बना दिया। महिलाओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सोफिया कुरैशी और अन्य स्थानीय नेताओं के पोस्टर लेकर शक्ति प्रदर्शन किया।
टाउन हॉल में हुआ गंगोता महासम्मेलन, दिखा समाज की ताक़त का प्रदर्शन :
भारतीय जनता पार्टी के बैनर तले बाबा अनंत दास समिति शताब्दी समारोह और प्रदेश स्तरीय गंगोता महासम्मेलन का आयोजन टाउन हॉल में हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गंगोता समाज के प्रतिनिधि शामिल हुए। मुख्य अतिथि दिलीप जायसवाल ने अपने संबोधन में कहा – गंगोता समाज हमारी ताकत है। इस समाज ने हर चुनाव में भाजपा का समर्थन किया है। आने वाले समय में भाजपा उनकी आकांक्षाओं और अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकारों ने बिहार को अपराध और शराब की संस्कृति में डुबो दिया। सिर्फ एनडीए ही राज्य को विकास के रास्ते पर ले जा सकता है। उन्होंने इंडी गठबंधन को भी आड़े हाथों लिया और कहा कि उनकी नीतियों ने बिहार को अव्यवस्था की ओर धकेल दिया है।
गंगोता समाज ने की छह विधानसभा सीटों की मांग :
सम्मेलन में समाज के प्रतिनिधियों ने भाजपा से छह विधानसभा सीटों पर उम्मीदवार देने की मांग की। उनका कहना था कि यदि पार्टी इस मांग को स्वीकार करती है, तो समाज पूरी मजबूती से पार्टी के साथ खड़ा रहेगा और जीत सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास करेगा। मंच पर मौजूद अन्य नेताओं ने भी इस बात पर सहमति जताई कि भागलपुर में गंगोता समाज ने जिस तरह से समर्थन जताया है, वह भाजपा को आगामी चुनावों में निर्णायक बढ़त दिला सकता है।
मंच पर दिखी एकजुटता, भाजपा के लिए संकेत और चुनौती दोनों :
सम्मेलन में भाजपा के कई स्थानीय नेता, नेत्रियां, समाजसेवी और गंगोता समाज के सैकड़ों लोग उपस्थित रहे। इस आयोजन के माध्यम से यह स्पष्ट संकेत मिला कि आगामी विधानसभा चुनाव में जातिगत समीकरण और सामाजिक हिस्सेदारी निर्णायक भूमिका निभाने वाले हैं।
दिलीप जायसवाल का यह दौरा भाजपा की जातीय समीकरणों को साधने की रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है। वहीं गंगोता समाज की मांगों ने पार्टी नेतृत्व के सामने एक स्पष्ट राजनीतिक चुनौती भी खड़ी कर दी है। यदि उनकी मांगों की अनदेखी की गई, तो यह भाजपा के लिए मुश्किलें पैदा कर सकता है।



