लोक कलाकारों के सुर पारंपरिक वाद्य व भोजपुरी कला से सजेगा भिखारी ठाकुर मंच
भोजपुर(आरा)भिखारी ठाकुर सामाजिक शोध संस्थान द्वारा आयोजित भिखारी ठाकुर लोकोत्सव के 24 वें संस्करण में पटेल बस पड़ाव स्थित भिखारी ठाकुर मंच पर भोजपुरी के चर्चित लोकगायक व कलाकारों की प्रस्तुति होगी। रविवार को समीक्षात्मक बैठक में कार्यक्रम की संभावित रूपरेखा जारी की गई। जिसमें लोकगायन में कमलेश व्यास द्वारा ‘ गंगा अस्नान ‘, धर्मराज बाबा द्वारा पारंपरिक गायन, आशीष दूबे द्वारा पूरबी निरगुन तथा गोरखपुर कीअंकिता पंडित द्वारा शारदा सिन्हा स्मृति व अन्य गीतों की प्रस्तुति होगी। भोजपुरी के विलुप्त होते पारंपरिक नृत्यों के संरक्षण के उद्देश्य से गाजीपुर की टीम द्वारा कठघोड़वा व धोबिया नाच, दरोगा गोंड, टुनटुन गोंड टीम द्वारा गोंड नृत्य तथा भोजपुरी गीतों की शास्त्रीय नृत्य शैली में बक्शी विकास द्वारा प्रस्तुति होगी। कार्यक्रम के प्रथम दिन भोजपुरी कवि सम्मेलन का भी आयोजन होगा। जिसमें कई चर्चित भोजपुरी कवियों द्वारा काव्य पाठ किया जाएगा।सुरेश प्रसाद की टीम द्वारा भिखारी ठाकुर रचित नाटक का मंचन होगा। इस वर्ष का भिखारी ठाकुर सांस्कृतिक मंच का विशेष सम्मान लोकगायिका अंकिता पंडित को दिया जाएगा। सर्जना के संजीव सिन्हा द्वारा आयोजन स्थल को भोजपुरी कला से सुसज्जित किया जाएगा। अन्य वार्षिक सम्मानों की सूची आगामी बैठक में विमर्श के बाद प्रकाशित होगी। स्थानीय स्कूली छात्रों द्वारा भोजपुरी में प्रस्तुति तथा भाषण प्रतियोगिता आयोजित होगी। भोजपुरी जनांदोलन को नई दिशा देने के उद्देश्य से 17 दिसंबर को एक परिचर्चा ‘ भोजपुरी भाषा के अस्मिता आ पहचान के संकट ‘ विषय पर आयोजित होगी। जिसमें देश के चर्चित विद्वान व शोधछात्र विमर्श के लिए उपस्थित होंगे। इस बार संस्थान द्वारा वार्षिक स्मारिका का प्रकाशन किए जाने का निर्णय लिया गया। जिसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर के शोध आलेखों को जगह दी जाएगी। स्मारिका के कवर पेज का अनावरण लोकोत्सव के दौरान किया जाएगा। आज की बैठक में अध्यक्षता डॉ जया जैन ने की। संचालन अध्यक्ष नरेंद्र सिंह पत्रकार ने की। उपस्थित सदस्यों में फिल्म जगत से जुड़े रंगकर्मी ओ पी कश्यप एवं रंजीत कुमार तथा कमलेश व्यास, कृष्णा यादव कृष्णेंदु, जनमेजय ओझा, संजीव सिन्हा, रवि प्रकाश सूरज, सुमन जी, अमरदीप कुमार राय प्रमुख थे।

