बमबम बोल रहा उत्पाद विभाग, शराब के शौकीन बोल रहे हमका पीनी है.. पीनी है …पीनी है….. दो महीने में गटक गए 368.29 करोड़ की शराब
रांची: झारखंड सरकार का उत्पादन विभाग बमबम बोल रहा है। वहां झारखंड में शराब के शौकीन भी गुनगुना रहे हैं कि हमका पीनी है… पीनी है … पीनी है शराब। उत्पादन विभाग को पिछले दो महीने मई और जून में रिकॉर्ड राजस्व की प्राप्ति हुई है। मई में रिकॉर्ड 188.29 करोड़ और जून में 180 करोड़ रुपए राजस्व की प्राप्ति हुई है। इन दो महीनों में कुल 368.29 करोड़ रुपए राजस्व की प्रप्ति हुई है। बताते चलें कि झारखंड में देशी, विदेशी और कंपोजिट शराब की खुदरा दुकानों की संख्या 1527 है। बोकारो में नई ब्रेवरी से उत्पादन शुरू कर देने से बीयर की भी किल्लत दूर हो गई है। मेसर्स इस्टर्न मैन्यूफेक्चरिंग एंड एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमटेड, श्रीलैब ब्रेवरीज प्राइवेट लिमटेड , कुमार बोटलर्स और मैहर डेवलपर्स ने देशी शराब के ब्रांडों का निर्माण शुरू कर दिया है। नई उत्पाद नीति के तहत ट्रैक एवं ट्रेस सिस्टम को लागू किया जाना है. ऐसा होने से बिक्री की पूरी प्रक्रिया की मॉनिटरिंग और लिकेज की संभावना खत्म हो जाएगी. वहीं शराब की एमआरपी से ज्यादा पैसे वसूलने पर कार्रवाई की जा रही है. इधर एमआरपी से ऊंची कीमत पर शराब की बिक्री की पुष्टि होने के बाद रांची, सरायकेला, चतरा व बोकारो के आधा दर्जन शराब बिक्रेताओं को जेल भेजा गया। इनके विरुद्ध उत्पाद विभाग ने संबंधित स्थानीय थाने में प्राथमिकी भी दर्ज कराई है।

