रफ्तार कार्यक्रम के तहत स्वच्छ खेल पर जागरूकता, एथलीटों को मिला नैतिक प्रशिक्षण
रांची : पर्नोड रिकार्ड इंडिया फाउंडेशन (पीआरआईएफ) की सीएसआर पहल “रफ्तार एथलीट विकास कार्यक्रम” झारखंड में उभरते खिलाड़ियों, खासकर आदिवासी समुदाय के युवाओं के लिए बेहतर अवसर और मार्गदर्शन उपलब्ध करा रहा है। इस पहल के तहत स्पोर्ट्ज़विलेज फाउंडेशन और राष्ट्रीय डोपिंग विरोधी एजेंसी के सहयोग से रांची के आईएमए क्लब में डोपिंग विरोधी और नैतिक जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई।
इस कार्यक्रम को झारखंड खेल प्राधिकरण और झारखंड ओलंपिक संघ का भी समर्थन मिला, जिसमें राज्यभर से करीब 150 एथलीट, कोच और खेल से जुड़े हितधारकों ने भाग लिया। कार्यशाला में नाडा के विशेषज्ञों ने डोपिंग-रोधी नियमों, खिलाड़ियों के अधिकार और जिम्मेदारियों तथा निष्पक्ष खेल के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। इससे खिलाड़ियों में स्वच्छ खेल और ईमानदारी के प्रति जागरूकता बढ़ी।
कार्यक्रम के दौरान उच्च प्रदर्शन मानसिकता पर भी विशेष सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिस्पर्धी खेलों के लिए जरूरी अनुशासन, मानसिक तैयारी और सकारात्मक दृष्टिकोण पर जोर दिया गया।
रफ्तार कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना है, ताकि वे सही दिशा में आगे बढ़ सकें। खासतौर पर आदिवासी और ग्रामीण पृष्ठभूमि के खिलाड़ियों को इस पहल से नई पहचान और अवसर मिल रहे हैं।
पीआरआईएफ की यह पहल न केवल खेल प्रतिभाओं को निखार रही है, बल्कि युवाओं में आत्मविश्वास बढ़ाकर उन्हें भविष्य का जिम्मेदार खिलाड़ी और नेता बनने के लिए भी प्रेरित कर रही है।



