विधानसभा बजट सत्र: आजसू विधायक तिवारी महतो ने हाथियों के हमले की रोकथाम और मुआवजा की मांग को लेकर धरना पर बैठे

रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन गुरुवार को सदन की कार्यवाही हंगामेदार रही। कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी दलों के विधायकों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर जोरदार विरोध दर्ज कराया और नारेबाजी की। कुछ देर तक सदन में शोर-शराबे का माहौल बना रहा। विधानसभा अध्यक्ष के हस्तक्षेप और समझाने के बाद विधायक शांत हुए तथा अपने-अपने स्थान पर बैठ गए, जिसके बाद कार्यवाही सुचारु रूप से आगे बढ़ सकी।
सत्र प्रारंभ होने से पहले निर्दलीय विधायक जयराम महतो ने राज्यपाल के अभिभाषण पर तीखी टिप्पणी करते हुए इसे “सरकारी उपलब्धियों का पुलिंदा” करार दिया। उन्होंने कहा कि अभिभाषण में राज्य के विकास से संबंधित कोई नई योजना या ठोस पहल नजर नहीं आई। साथ ही मुख्यमंत्री के हालिया विदेश दौरे पर सवाल उठाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि इससे राज्य को वास्तविक निवेश का लाभ मिलने की संभावना कम है।
मांडू से आजसू विधायक तिवारी महतो ने रामगढ़ और मांडू क्षेत्र में हाथियों के बढ़ते हमलों पर चिंता जताई। उन्होंने प्रभावित परिवारों को 40 लाख रुपये मुआवजा और एक आश्रित को सरकारी नौकरी देने की मांग की।
भाजपा विधायक नीरा यादव ने सरकार पर विकास योजनाएं ठप होने और किसानों से धान क्रय नहीं करने का आरोप लगाया। वहीं चतरा से लोजपा विधायक जनार्दन पासवान ने राज्य में एससी आयोग के गठन में देरी पर सवाल उठाए। कांग्रेस विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी ने राज्यपाल के अभिभाषण को सर्वसमावेशी बताया, जबकि भाजपा विधायक उज्ज्वल दास ने बजट में युवा, किसान और महिलाओं के हितों को प्राथमिकता देने की मांग की।

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