पूर्वी सिंहभूम जिले में एपीपी एग्रीगेट ने ग्रामीण महिलाओं के बीच मशरूम ड्रायर और कुट्टी कटर मशीन वितरण किया
जमशेदपुर: आदिवासी ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए झारखंड सरकार कई तरह की योजना चला रही है। उसमे मशरूम उत्पादन भी अहम है।
इससे हजारों ग्रामीण महिलाएं मशरूम का उत्पादन कर आमदनी कर रही हैं। इसमें जेटीडीएस अंतर्गत एपीपी एग्रीगेट के माध्यम से ग्रामीण आदिवासी महिलाओं को मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण दिया गया है। उसके साथ उन्हें मशरूम उत्पादन का किट भी दिया गया। इसी कड़ी में बीते शुक्रवार को पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड अंतर्गत चाकरी पंचायत के रादुर गांव में मशरूम ड्रायर और कुट्टी कटर मशीन ग्रामीण महिलाओं के बीच वितरण किया गया। साथ ही उनके द्वारा उत्पादित सूखा मशरूम की खरीदारी की गई।
वहीं जामदा पंचायत के रुगरीसाई, गणकपदा गांव में भी ग्रामीण महिलाओं ने काफी संख्या में मशरूम का उत्पादन किया। सभी मशरूम को एपीपी एग्रीगेट मशरूम उत्पादन केंद्र खूंटी के द्वारा छह सौ रुपए किलो की दर से खरीदा गया। इसके अलावा डुमरिया प्रखंड के खैरबनी,कोलाबेरिया और कुंदरुकोचा गांव में भी महिलाओं को ड्रायर मशीन और कुट्टी काटने का मशीन दिया गया।

एपीपी एग्रीगेट के निदेशक प्रभाकर कुमार ने कहा कि पूर्वी सिंहभूम जिले में प्रत्येक 25लाभुक पर एक ड्रायर मशीन और एक कुट्टी कटर दिया गया है। इस प्रकार दो सौ लाभुकों पर कुल आठ चौपर और आठ ड्रायर मशीन दिया गया है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की आदिवासी ग्रामीण महिलाएं मशरूम उत्पादन कर आत्मनिर्भर बन रही हैं। एपीपी एग्रीगेट उन्हें प्रशिक्षण देने के साथ साथ मशरूम उत्पादन किट,ड्रायर मशीन,कुट्टी कटर मशीन भी उपलब्ध करा रहा है। यही नहीं एपीपी एग्रीगेट मशरूम की खरीदारी भी कर उन्हें भुगतान कर रहा है। इससे महिलाओं का हौसला बढ़ रहा है और दूसरे महिलाओं को भी मशरूम उत्पादन के लिए प्रेरित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड की ग्रामीण महिलाएं अब रोजगार के लिए बहुत कम अन्य राज्य पलायन कर रही हैं। अपने घर पर ही मशरूम का उत्पादन कर रही हैं। श्री
इस अवसर पर पूर्वी सिंहभूम जिले के डीपीएम रुस्तम अंसारी,पीएमईओ दिलीप कुमार सिंह, एफएओ उत्तम कुमार उपस्थित थे।

