शिक्षा के क्षेत्र में पीएम मोदी के नेतृत्व में काफी अमूलचूल परिवर्तन हुआ है:अन्नपूर्णा देवी
गुलामी की मानसिकता से लोगों को उबारना राष्ट्रीय शिक्षा नीति -2020 बताती है
नई दिल्ली: भारत सरकार में मानव संसाधन मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा है कि शिक्षा के क्षेत्र में पीएम मोदी के नेतृत्व में काफी अमूल चूल परिवर्तन हुआ है। वे दिल्ली स्थित अपने आवास पर मीडिया से बात करते हुए यह बातें कही।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 जो 34 वर्षों के बाद आई है। मैकाले मॉडल से दूर इस राष्ट्रीय शिक्षा नीति में सबसे बड़ी बात है कि हम अपने बच्चों को अपनी मातृभाषा में शिक्षा देंगे। बच्चे जबतक घर में जिस भाषा में बोलते हैं, उस भाषा में यदि पढ़ेंगे तो जल्दी कैच करेंगे। यह इसकी सबसे बड़ी विशेषता है। इसके साथ ही भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति को कक्षा छह से वोकेशनल करने की बात चल रही है। मेडिकल,इंजीनियरिंग की पढ़ाई भारतीय भाषा में करने की बात की गई है और इसकी शुरुआत भी हो चुकी है। यानी आज के समय में जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति है भारतीय ज्ञान परंपरा की बात करती है। हम भारत के बारे में जानें। आज मैकाले मॉडल के कारण कही न कही हम अपने बच्चों को अपने प्राचीन गौरवम्यी इतिहास से दूर कर रहे हैं। इसके बारे में बच्चों को नहीं पढ़ा रहे हैं। गुलामी की मानसिकता से लोगों को उबारना यह राष्ट्रीय शिक्षा बताती है। आज हमारे बच्चों में रटने जैसे विद्या पर अधिक जोर दिया गया है। मैकाले ने कहा था कि किसी भी देश की संस्कृति को अगर खत्म करना है तो सबसे पहले शिक्षा पर बार करना है और निश्चित रूप से उन्होंने यही किया जिसके वजह से आज भारत के लोग भारतीय जरूर हैं।लेकिन कहीं न कहीं उनके मानसिकता में अंग्रेजी भरा हुआ है। इन सारी चीजों से दूर राष्ट्रीय शिक्षा नीति हमें बच्चों को अपनी मातृभाषा में शिक्षा, शुरुआती दौर पर बाल वाटिका,भारतीय भाषा और सभी भाषाओं का सम्मान करना होगा।इसलिए, बच्चों को अपनी भाषा में ही शिक्षा मिले और गुणवत्तापूर्ण मिले,इसके साथ साथ व्यवसायिक शिक्षा को आगे बढ़ाया जा सके। उन्होंने कहा कि बच्चे सिर्फ सर्टिफिकेट धारक न बने,पढ़ाई के साथ कमाई,दोनों ही चीजों का सामंजस स्थापित होने की जरूरत है।
वहीं शिक्षकों की कमी के सवाल पर मंत्री ने कहा कि शिक्षा समवर्ती सूची में है। भारत सरकार समय समय पर शिक्षकों की कमी को लेकर राज्यों को एडवाइजरी जारी करती है। यह बताया जाता है कि वे बच्चों को क्वालिटी एजुकेशन दें ।समय पर पीएम पोषण की बात हो,पोशाक, मध्यान भोजन को लेकर निगरानी किया जाता है।
उन्होंने कहा कि दीक्षा पोर्टल के माध्यम से शिक्षकों को लगातार ट्रेनिंग दिया जाता है। कोविड के समय में दूरदर्शन के माध्यम से कई चैनलों के द्वारा बच्चों को शिक्षा देने का काम किया गया। वहीं भारत सरकार शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए दो सौ चैनल खोला गया है। इसके मध्यान से बच्चों को अलग अलग विषय पर ऑनलाइन पढ़ाया जाता है।
उन्होंने आने वाले समय में भारत में शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति आएगी। दुनिया में भारत शिक्षा के क्षेत्र में मॉडल बनेगा।

