एमपीएल व ट्रांसपोर्टरों की मनमानी के विरोध में हाइवा संगठनों का आंदोलन सातवें दिन भी रहा जारी
निरसा : एमपीएल व ट्रांसपोर्टरों की मनमानी एवं उनकी हठधर्मिता हाइवा संगठनों की भाड़ा बृद्धि में आग में घी डालने जैसा है । अगर स्थिति यही बनी रही तो उग्र आंदोलन से इनकार नही किया जा सकता है। आज आंदोलन का सातवां दिन है। आंदोलन में शामिल स्वावलम्बी समिति के संरक्षक संजय सिंह ने कहा कि जिद्द को छोड़ कर ट्रांसपोर्टरों को चाहिए कि हाइवा संगठनों से सकारात्मक वार्ता कर भाड़े बृद्धि के गतिरोध को जल्द खत्म करे । संगठन की मांग को एमपीएल प्रबन्धन हल्के में लेने की भूल न करे एमपीएल के ट्रांसपोर्टरों की मनमानी के विरोध में मजबूर होकर आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होना पड़ा है । पिछले तेरह वर्षों से भाड़े में कोई बढ़ोत्तरी नही की गई है जबकि इस अवधि में महंगाई आसमान छू रही है। हर चीज के दामों में बेतहासा बृद्धि हुई है, हाइवा उससे अछूता नही है। यह बात ट्रांपोर्टरों को समझना चाहिये । उन्होंने कहा की हमलोग अहिंसा के पुजारी है। शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन चलेगा। श्री सिंह ने कहा कि आंदोलन के समर्थन में धनबाद में एमपीएल का बीसीसीएल क्षेत्र में जंहा जंहा लोडिंग पॉइंट है वंहा की संगठनों का भरपूर समर्थन मिल रहा है। जब तक कोई फैसला नही हो जाता लोडिंग पॉइंट बन्द रखेंगे । हाइवा परिचालन से जुड़े तीनों संगठन निरसा हाइवा परिचालन स्वावलम्बी समिति, आम हाइवा ओनर एसोसिएसन व स्थानिय हाइवा एसोसिएसन के तीनो संगठन के अध्यक्षों उज्ज्वल तिवारी, हरेराम अग्रवाल, व लालू ओझा ने कहा कि ट्रांसपोर्टर अपनी मनमानी पर उतर आया है। हमलोंगों की जायज मांग हाइवा परिचालन में 20 % भाड़ा बृद्धि नाजायज नही है । जीवन यापन के लिये कर्ज लेकर, जमीन बेचकर , घर का सामान बंधक रखकर हाइवा खरीदा है । बैंक का लोन, कल पुर्जों के दाम में बृद्धि, अन्य खर्च सामिल है कैसे मेंटेन करेंगे कब तक ? भाड़ा बृद्धि के लिये जिला प्रशासन, लोकल प्रशासन, एमपीएल प्रबन्धन का अनेकों बार ध्यान आकृष्ट किया गया ,कोई सुनवाई नही बाध्य होकर आंदोलन का रास्ता अख्तियार करना पड़ा है । जबतक भाड़ा बृद्धि नही होती हाइवा का परिचालन सम्भव नही है । उन्होंने कहा कि आंदोलन के चौथे दिन यानी मंगलवार को निरसा प्रखण्ड सभागार में अंचलाधिकारी नितिन शिवम गुप्ता के नेतृत्व में त्रिपक्षीय वार्ता हुई। वार्ता में दो ट्रांसपोर्टर कोल लोजेस्टिक, संजय उद्योग ,एमपीएल के अधिकारी गोपाल वर्णवाल, हाइवा एसोसिएसन के पदाधिकारी संजय सिंह, उज्ज्वल तिवारी, हरेराम अग्रवाल, लालू ओझा सहित भारी संख्या में हाइवा मालिक सामिल हुये । भाड़ा बृद्धि के मुद्दे पर संगठन के पदाधिकारियों ने मजबूती से रखा जिसे ट्रांसपोर्टरों ने सीधे तौर पर नकार दिया । यह सुनते ही संगठन के पदाधिकारि उग्र हो गए और वार्ता का वहिष्कार कर दिया।इसके पूर्व धनबाद व बाघमारा के हाइवा एसोसिएसन व हाइवा मालिको ने अपना समर्थन दिया था । बुधवार को निरसा प्रखण्ड के दस पंचायतों के पंचायत समितियों ने नैतिक समर्थन पर उतरे । अब आंदोलन की रूपरेखा उग्र होगी जिसकी सारी जबाबदेही एमपीएल व ट्रांसपोर्टरों की होगी ।

