प्रभारी के बाद अब गुजरात के ही सुनील भाई ओझा बने बिहार भाजपा के सह प्रभारी
पटना : भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने गुजरात के पूर्व विधायक और उत्तर प्रदेश में काशी क्षेत्र के सह प्रभारी रहे सुनील भाई ओझा को हरीश द्विवेदी की जगह बिहार भाजपा का नया सह प्रभारी बनाया है। ओझा 2014 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के साथ काशी क्षेत्र 16 जिलों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
बिहार में सीधे तौर पर गुजरात के दो पार्टी पदाधिकारियों को लगाकर भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने बड़ा संदेश दिया है। बता दें कि प्रदेश संगठन महामंत्री भीखू भाई दलसानिया भी गुजरात के रहने वाले हैं। अब पार्टी ने सह प्रभारी के पद पर गुजरात से सुनील भाई ओझा को भेजकर अपनी प्राथमिकता से संगठन को अवगत करा दिया है। पार्टी के अंदर ओझा कुशल संगठनकर्ता के रूप में जाने जाते हैं।
सुनील ओझा 2013 में गुजरात के मुख्यमंत्री रहे नरेन्द्र मोदी के भाजपा का प्रधानमंत्री प्रत्याशी घोषित होने के बाद उनके चुनाव संचालन के लिए काशी आए थे। 2015 में उन्हें पार्टी का प्रदेश सह प्रभारी बनाया गया। वह पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों में बाऊजी के नाम से प्रचलित हैं।
ओझा के उत्तर प्रदेश सह प्रभारी रहते 2017, 2019 और 2022 के चुनाव भी हुए, जिसमें भाजपा को भारी सफलता मिली। वर्तमान में वह वाराणसी में एक घर लेकर काशीवासी भी बन गए हैं। इसके साथ ही वह गड़ौली धाम आश्रम में गंगा, गाय और गौरीशंकर के माध्यम से सामाजिक और आर्थिक विकास की मुहिम को लेकर कार्य कर रहे हैं।
ओझा ने 1971 में विद्यार्थी परिषद और 1980 में भाजपा से राजनीति की शुरुआत की। 1998 से 2007 तक दो बार गुजरात विधानसभा में विधायक भी रहे।
ओझा में कुशल संगठनकर्ता के सभी गुण : मंगल पांडेय
ओझा को बिहार भाजपा का सह प्रभारी बनाए जाने पर पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और पश्चिम बंगाल से प्रभारी मंगल पांडेय ने बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि उनके मार्गदर्शन में प्रदेश भाजपा नई उपलब्धियां हासिल करेगी। ओझा के अंदर एक कुशल संगठनकर्ता के सभी गुण हैं। उनके अनुभव से प्रदेश भाजपा को आगे ले जाने में मदद मिलेगी।

