आरएसएस और उनके विभिन्न अनुषांगिक संगठनों के करीब 1200 स्वयंसेवकों ने देखी “द कश्मीर फाइल्स

हजारीबाग :राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और संघ के विभिन्न अनुषांगिक संगठनों के करीब 1200 स्वयंसेवकों ने मंगलवार को “द कश्मीर फाइल्स” का शो देखा। हजारीबाग के लक्ष्मी सिनेप्लेक्स सभागार में लक्ष्मी चित्र मंदिर में फिल्म देखने पहुंचे स्वयंसेवकों का खुद आरएसएस के विभाग प्रचारक कुणाल जी ने अगवानी किया तो संघ के सक्रिय स्वयंसेवक सह समाजसेवी श्रद्धानंद सिंह ने हॉल के मुख्य द्वार पर हाथ जोड़कर सभी स्वयंसेवकों का अभिनंदन किया। हजारीबाग जिले के सभी 16 प्रखंडों के विभिन्न सुदूरवर्ती इलाके से लेकर शहर के पॉश इलाके में रहने वाले स्वयंसेवकों के जत्थे से पूरा लक्ष्मी सिनेप्लेक्स सभागार गुलजार हो उठा। स्वयंसेवकों ने भारत माता की जय, वंदे मातरम और जय श्रीराम के नारे से सिनेमा देखने के दौरान पूरे हॉल परिषद को गुंजायमान कर दिया। स्वयंसेवकों के जत्थे में बड़ी संख्या में बुजुर्ग, महिलाएं और नौजवान लोग शामिल हुए। कई निशक्त स्वयंसेवक भी लंबी दूरी तय कर कश्मीर का सच जानने यहां पंहुचे। निशक्त स्वयंसेवकों के लिए हॉल कर्मियों द्वारा बैठने के लिए अलग से कुर्सी की व्यवस्था करके मानवता का मिसाल पेश किया गया। संघ की ओर से फिल्म देखने पहुंचे सभी स्वयंसेवकों के बीच स्नेक्स और पानी का भी वितरण किया गया। स्वयंसेवक पैदल, साइकिल मोटरसाइकिल और कई इलाके से चार पहिया वाहन और चौपारण से बस बुक करके सिनेमा देखने पहुंचे। स्वयंसेवकों में इस फिल्म को देखने के प्रति गजब की ललक दिखी ।

फिल्म देखने के बाद स्वयंसेवकों ने एक स्वर में कहा कि स्वतंत्र भारत के इतिहास का एक ऐसा काला अध्याय जिसे कई सरकारें, वामपंथी मीडिया, मानवाधिकार, यहां तक कि देश के तथाकथित बुद्धिजीवी वर्ग ने भी 1990 के जनवरी में घटी कश्मीर की इस घटना कि सच्चाई को आम जनों तक पहुंचने से रोके रखा। संघसेवकों ने फिल्म के डायरेक्टर विवेक अग्निहोत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि इन्होंने एक सत्य घटना पर आधारित द कश्मीर फाइल्स फिल्म बनाकर लोगों को कश्मीरी पंडितों पर अमानवीय अत्याचार से रूबरू कराया। स्वयंसेवकों ने यह भी कहा कि हम तमाम राष्ट्र भक्तों को यह पीड़ा है कि हमारे देश में इतनी बड़ी घटना हुई और हम अब तक अनभिज्ञ थे। द कश्मीर फाइल्स कोई फिल्म नहीं बल्कि इतिहास का वह सच है जिसे हर हिंदुस्तानी को जानना जरूरी है ।

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