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जिले के सभी विधानसभा सीटों के लिए कुल 195 राउंड की गिनती, 82 उम्मीदवारों के किस्मत ईवीएम में कैद

भागलपुर। यही रात अंतिम, यही रात भारी… चुनावी रणभूमि में सब कुछ दांव पर लगा चुके प्रत्याशी अब ईश्वर की शरण से लौटकर मतगणना केंद्र पहुंचने ही वाले हैं। किसकी झोली में जीत का परचम लहराएगा और किसका सपना धूल में मिल जाएगा, इसका फैसला कुछ ही घंटों में हो जाएगा। जिले की सातों विधानसभा सीटों के ईवीएम खुलते ही अबीर – गुलाल उड़ने लगेंगे। मिठाई की टोकरी आने लगेगी।

शुक्रवार की सुबह भागलपुर जिला मुख्यालय के मतगणना केंद्रों में चहल-पहल देखने को मिलेगी। कड़ी सुरक्षा के बीच ईवीएम खोलने की प्रक्रिया तय समय पर शुरू होगी। सुबह 8 बजे पोस्टल बैलेट की गिनती शुरू होगी, जबकि 8:30 बजे से ईवीएम की परतें खुलनी शुरू होंगी। जिले के सभी विधानसभा सीटों के लिए कुल 195 राउंड की गिनती की जाएगी। 82 उम्मीदवारों के किस्मत ईवीएम में बंद है।

सबसे पहले बिहपुर और गोपालपुर विधानसभा क्षेत्रों की ईवीएम खोली जाएंगी – यानी शुरुआती रुझान यहीं से मिलेंगे। जबकि अंत में कहलगांव और नाथनगर का परिणाम घोषित होगा। अधिकारियों के अनुसार, पोस्टल बैलेट की गिनती के लिए पांच टेबल लगाए गए हैं। सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पूरे परिसर में सीसीटीवी की निगरानी होगी।

बिहपुर सीट पर कुल 10 प्रत्याशी मैदान में हैं। जेडीयू सांसद अजय मंडल की भांजी और जेडीयू की पूर्व नेत्री यहां से वीआईपी की टिकट पर महागठबंधन प्रत्याशी हैं। वहीं एनडीए ने अपने पुराने चेहरे को फिर से मौका दिया है। जन सुराज पार्टी की ओर से पवन चौधरी मैदान में हैं। यहां का मुकाबला परंपरागत समीकरणों से हटकर दिख रहा है।

गोपालपुर में भी 10 प्रत्याशी ताल ठोंक रहे हैं। यहां के सिटिंग विधायक गोपाल मंडल ने टिकट कटने के बाद निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अपनी किस्मत आज़माई है। उनकी जगह जेडीयू से पूर्व सांसद शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल को एनडीए ने मैदान में उतारा है। बगावत और बूलो मंडल की एंट्री ने समीकरणों को पूरी तरह उलट दिया है। महा गठबंधन से भी मजबूत चेहरा चुनाव मैदान में हैं।

पीरपैंती सीट पर भी 10 प्रत्याशी किस्मत आजमा रहे हैं। भाजपा ने यहां पिछली बार के उम्मीदवार ललन पासवान का टिकट काटकर मुरारी पासवान को मौका दिया है। वहीं महागठबंधन ने फिर से रामविलास पासवान पर भरोसा जताया है। पिछली हार के बाद इस बार वे हर हाल में जीत दर्ज करने को आतुर हैं।

नाथनगर में 15 प्रत्याशी मैदान में हैं। यहां महागठबंधन की ओर से शेख जियाउल हसन हैं, जबकि एनडीए से मिथुन कुमार और जन सुराज से अजय कुमार राय ताल ठोंक रहे हैं। टिकट कटने के बाद यहां के पूर्व विधायक के समर्थक नाराज़ बताए जा रहे हैं, जिससे मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।

जिले की सबसे चर्चित सीट भागलपुर पर इस बार 12 प्रत्याशी किस्मत आजमा रहे हैं। यहां कांग्रेस के सिटिंग विधायक अजीत शर्मा और भाजपा के रोहित पांडे के बीच सीधी लड़ाई मानी जा रही है। पिछली बार हार झेल चुके रोहित पांडे इस बार जीत के लिए पूरी ताकत झोंक चुके हैं, जबकि अजीत शर्मा ‘चौके’ का सपना देख रहे हैं।

कहलगांव में 13 प्रत्याशी मैदान में हैं। एनडीए समर्थित जेडीयू ने स्व. सदानंद सिंह के बेटे शुभानंद मुकेश पर भरोसा जताया है, जबकि आरजेडी से रजनीश यादव मैदान में हैं। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि मुकाबला इन दो दिग्गजों के बीच सीधा और कांटे का होगा। दोनों ही उम्मीदवारों के समर्थक गांव-गांव में अपनी जीत की भविष्यवाणी कर रहे हैं।

सुल्तानगंज में भी 13 प्रत्याशी किस्मत आजमा रहे हैं। यहां महागठबंधन से राजद और कांग्रेस, दोनों ने अपने-अपने उम्मीदवार उतारे हैं, जिससे मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। एनडीए ने अपने सिटिंग विधायक पर दोबारा भरोसा जताया है। कहा जा रहा है कि यहां हर वोट की कीमत अब ‘सोने’ के बराबर है।

जैसे-जैसे मतगणना का समय नज़दीक आ रहा है, प्रत्याशियों के घरों पर प्रार्थनाओं और पूजा-पाठ का दौर तेज हो गया है। कहीं भगवान शिव की आराधना हो रही है तो कहीं हवन-यज्ञ से माहौल पवित्र किया जा रहा है। समर्थक मिठाइयाँ तैयार कर रहे हैं, तो दूसरी ओर ढोलक और बाजों की थाप का भी इंतज़ार है।

ईवीएम खुलते ही कौन हंसेगा और कौन खामोश रह जाएगा – यह आने वाली सुबह तय करेगी। पर बीती रात, हर प्रत्याशी के लिए सचमुच ‘यही रात अंतिम, यही रात भारी’।

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