भवन विभाग के मनमानी चरम पर आदेश के बाद भी लेखा लिपिक अमित को नहीं हटाया गया
बोकारो :भवन प्रमंडल में कुछ माह पहले यानी जून में टेंडर मैनेज करने को लेकर पैसा लेनदेन का मामला सोशल मीडिया में काफी वायरल हुआ था। जिसमें भवन विभाग के लेखा लिपिक अमित कुमार का नाम व वीडियो सामने आया था और यह खबर सुखियों में चर्चा के बीच में था। इस खबर को लेकर बोकारो उपायुक्त ने गठित टीम के द्वारा 27 जून को भवन प्रमंडल का निरीक्षण उपरांत उपायुक्त ने भवन कार्यपालक अभियंता अमित टोपनो को लेखा लिपिक अमित कुमार को अभिलंब अपने कार्य से हटाने का मौखिक आदेश दिया गया था। इनके आदेश के बाद 27 जून को भवन प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता अमित टोपनो ने पत्रांक संख्या 603 में आदेश निर्गत कर लेखा लिपिक अमित कुमार को अपना संपूर्ण प्रभार राजेश कुमार को देने का आदेश निर्गत किया था। इसके उपरांत मुख्यमंत्री सचिवालय से भी 2 जुलाई 2026 को बोकारो उपायुक्त को जांच करने का आदेश आया था । दुर्भाग्य की बात यह है की जब राजेश कुमार अपना पदभार लेने अमित कुमार के पास गए तो उन्होंने देने से सख्त इनकार कर गया। ईधर अमित कुमार लिखित आदेश के बाद भी बोकारो भवन प्रमंडल में अपने पद में कार्यरत हैं अगर कहा जाए तो इन्हें सचिवालय के आदेश उपायुक्त के आदेश कार्यपालक अभियंता के आदेश का कोई प्रभाव अमित कुमार पर नहीं पड़ रहा है । सभी आदेश को दरकिनार कर वह बोकारो भवन प्रमंडल में अपने पद में अभी भी कार्यरत है जब इस मामले को लेकर भवन प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता अमित टोपनो को फोन किया गया तो वह फोन उठाना मुनासिब नहीं समझे , जब बोकारो उपायुक्त के स्टेनो अजय कुमार से भी फोन कर जानकारी मांगी गई कि आप भी उपायुक्त के साथ निरीक्षण में भवन प्रमंडल गए थे पूरी मामले की जानकारी दीजिए तो उन्होंने कहा कि मुझे याद नहीं है। आखिर अमित कुमार पर किसका छाया है जो संगीन आरोप लगने के बाद भी, आदेश निर्गत के बाद भी वह बोकारो भवन प्रमंडल में अपने पद में कैसे कार्यरत हैं ।आखिर इसमें किसकी मिली भगत है यह एक गंभीर जांच का विषय है। सबसे ज्यादा आश्चर्य की बात है कि इसी विभाग के कार्यपालक अभियंता द्वारा अमित को पद से हटाने का आदेश निर्गत किया गया था फिर भी इनकी मौजूदगी में ये अपने पद में कैसे कार्यरत है ।जब इस मामले को लेकर बोकारो उपायुक्त अजय नाथ झा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मामले की जांच करने एसी को दिया गया है ,जांच रिपोर्ट में दोषी आने पर कार्रवाई की जाएगी ।


