चार महीने से वेतन नहीं मिला, खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के कर्मी अनिश्चितकालीन धरने पर
रांची : विभिन्न मांगों को लेकर झारखंड राज्य खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के कर्मियों ने मंगलवार से बोर्ड परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। कर्मियों ने आरोप लगाया कि उनकी कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं, लेकिन सरकार और बोर्ड स्तर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। वेतन भुगतान नहीं होने से कर्मियों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति भी उत्पन्न हो गई है।
धरने पर बैठे कर्मियों ने बताया कि 6 जून 2026 को मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी के स्थानांतरण के बाद से यह पद रिक्त है। इसके अलावा पिछले चार महीने से कर्मियों के वेतन का भुगतान नहीं हुआ है। कर्मियों ने जल्द से जल्द मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी की नियुक्ति करने और लंबित वेतन का भुगतान करने की मांग की है।
कर्मियों के अनुसार वर्ष 2017 में निदेशक मंडल के पद की स्वीकृति से संबंधित प्रस्ताव पारित हुआ था, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया है। इसी तरह वर्ष 2019 में मानदेय वृद्धि का प्रस्ताव पारित होने के बावजूद उसे लागू नहीं किया गया। कर्मियों ने कहा कि वर्ष 2018 से उनके मानदेय में कोई वृद्धि नहीं की गई है।
कर्मियों ने बोर्ड के गठन के 22 वर्ष बाद भी कार्यरत कर्मचारियों के लिए सेवा नियमावली नहीं बनाए जाने पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने भविष्य एवं सामाजिक सुरक्षा की व्यवस्था करने, आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त कर कर्मियों का स्थायी समायोजन करने तथा समान काम के लिए समान वेतन देने की मांग की।
कर्मियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती, तब तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।


