श्री कृष्ण प्रणामी मंदिर में गूंजा ‘नंद के आनंद भयो’, जन्माष्टमी पर उमड़ा आस्था का सैलाब, 1 लाख श्रद्धालुओं ने किये दर्शन
रांची : परमहंस डॉ. सदानंद जी महाराज के पावन सानिध्य तथा श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के तत्वावधान में रांची के पुंदाग स्थित श्री कृष्ण प्रणामी सेवाधाम के श्री राधा-कृष्ण प्रणामी मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव हर्षोल्लास, श्रद्धा एवं भक्ति के साथ मनाया गया। जन्माष्टमी महोत्सव को लेकर मंदिर परिसर को आकर्षक विद्युत सज्जा एवं मनोहारी ढंग से सजाया गया था। चारों ओर भक्ति और उत्सव का वातावरण बना रहा तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। महोत्सव के अवसर पर भगवान श्री राधा-कृष्ण का विशेष श्रृंगार किया गया। वृंदावन से मंगाए गए जड़ित आभूषणों से सुसज्जित आकर्षक वस्त्र भगवान को धारण कराए गए। भव्य झूलन भी विशेष रूप से सजाया गया, जिसमें विभिन्न रंगों के आकर्षक एवं मनोहारी वस्त्रों में अनेक लड्डू गोपाल विराजमान रहे। झूलन की सुंदर सजावट श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी रही। जन्माष्टमी के धार्मिक कार्यक्रमों का शुभारंभ प्रातः 5:30 बजे मंगला आरती से हुआ। इसके बाद 9 बजे श्रृंगार आरती तथा 11 बजे भगवान को थाल भोग अर्पित किया गया। संध्या 4 बजे से श्रद्धालुओं के लिए भगवान के दर्शन प्रारंभ हुए तथा 6 बजे संध्या आरती संपन्न हुई। मंदिर के पुजारी पंडित अरविंद पांडे ने विधिवत पूजन-अर्चन एवं धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराया।भगवान श्रीकृष्ण को जन्माष्टमी के पावन अवसर पर विविध प्रकार के व्यंजनों का भोग अर्पित किया गया। फल, पेड़ा, माखन-मिश्री, पंजीरी, नारियल के लड्डू, बादाम की चक्की सहित 56 प्रकार के भोग भगवान को समर्पित किए गए। भोग के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे लगाए और वातावरण भक्तिमय हो उठा। महोत्सव का विशेष आकर्षण कोलकाता से आई कलाकारों की टीम द्वारा प्रस्तुत श्रीकृष्ण जीवन एवं लीला आधारित नृत्य-नाटिका रही। कलाकारों ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, राधा-कृष्ण की भक्ति एवं भगवान के दिव्य चरित्र को नृत्य और अभिनय के माध्यम से अत्यंत मनोहारी ढंग से प्रस्तुत किया। रात्रि 7 बजे से भजन गायक मनीष सोनी एवं कोलकाता से आई जागरण मंडली के कलाकारों ने भजन, संकीर्तन एवं कृष्ण लीला की प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।कार्यक्रम मध्यरात्रि तक चला। भक्ति गीतों और कृष्ण लीला की प्रस्तुतियों पर श्रद्धालु देर रात तक झूमते और नृत्य करते रहे। मध्यरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के पावन क्षण पर विशेष आरती की गई। मंदिर परिसर ‘नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के जयघोष से गूंज उठा। जन्मोत्सव के पश्चात श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। ट्रस्ट के प्रवक्ता संजय सर्राफ ने बताया कि जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिर में एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन एवं पूजा-अर्चना की। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी धर्म, सत्य, प्रेम, करुणा, भक्ति और मानवता का संदेश देने वाला पावन पर्व है। इस अवसर पर- डुंगरमल अग्रवाल, राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, निर्मल जालान, मनोज चौधरी, विजय अग्रवाल, शिव भगवान अग्रवाल,मधुसूदन जाजोदिया,संजय सर्राफ, सुरेश अग्रवाल, विशाल जालान, अंजनी अग्रवाल, अरविंद अग्रवाल, विष्णु सोनी, सुनील पोद्दार, मनीष सोनी, नंदकिशोर चौधरी, मनीष जालान, दीपक चौधरी, नवल अग्रवाल, आलोक सिंह, दिलीप अग्रवाल, पवन पोद्दार, विद्या देवी अग्रवाल, शोभा जालान, संतोष देवी अग्रवाल, सुनीता अग्रवाल, सरिता अग्रवाल, ज्ञानचंद शर्मा, धीरज गुप्ता सहित ट्रस्ट के अन्य सदस्य एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।



