मौलाना अबुल कलाम आजाद की जयंती पर कांग्रेसियों ने रक्तदान किया

रांची: झारखण्ड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के तत्वाधान में शनिवार को स्वतंत्रता आन्दोलन के महान सपूत देश के प्रथम शिक्षामंत्री, शिक्षाविद्ध व कुशल राजनीतिज्ञ मौलाना अबुल कलाम आजाद की जयन्ती काग्रेस भवन, मनाई गई। इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर, पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय एवं कांग्रेसजनों ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए मौलाना आजाद के बहुमुखी व्यक्तित्व की चर्चा की तथा उन्हें राष्ट्र भक्त, शिक्षाविद एवं राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बताया। इस अवसर पर रांची महानगर कांग्रेस कमिटी अल्पसंख्यक विभाग के द्वारा कांग्रेस भवन, रांची में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष ने भी रक्तदान किया इसके साथ दर्जनों लोगों ने भी मौलाना जी की याद में रक्तदान किया।
इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि जब राजीव गांधी प्रधानमंत्री थे उस वक्त मौलाना आजाद के नाम पर तकनीकि शिक्षा प्रारम्भ करने के लिए रांची के चिरौंदी में शिलान्यास किया था। उन्होंने कहा कि मौलाना अबुल कलाम का रांची से विशेष लगाव रहा है, वह जब रांची में तकरीर करते थे तो अल्पसंख्यकों के साथ-साथ अन्य दूसरें समुदाय के लोग भी तकरीर सुनने आते थे, जो मजबूत भारत को दर्शता है। उनके व्यक्तित्व से हमारे युवापीढ़ी को सीख लेने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि उन्होंने कम उम्र में जो उपलब्धि हासिल की थी, वह बेमिसाल है और उनके लेखन, विचारों से संबंधित दस्तावेज को प्रकाशन करना चाहिए ताकि आज के युवा, छात्र उनके कृति को जान सके और उनके अनुरूप अपने को ढाल सके। मौलाना साहब प्रथम पंक्ति के समाजसेवी, सफल राजनीतिज्ञ एवं राजनेता थे।

पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने कहा कि मौलाना आजाद से प्रभावित होकर ही अल्पसंख्यक समुदाय ने कांग्रेस के झण्डे तले स्वतंत्रता आंदोलन में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। मौलाना आजाद नजरबंदी के दौरान रांची में रहे और यहां उन्होंनें हिन्दु -मुस्लिम एकता पर जो कार्य किया वह अविस्मरणीय है। आज देश में उच्च स्तरीय शैक्षणिक ढांचा है वह मौलाना आजाद की देन है। यू. जी. सी. आई. टी. संघ लोक सेवा आयोग मौलाना आजाद की देन हैं। मौलाना आजाद ने संयुक्त संस्कृति के माध्यम से देष को एक पिरोने का कार्य किया।

श्रद्धासुमन अर्पित करने वालों में प्रदेश उपाध्यक्ष अनादि ब्रह्म, महासचिव अमुल्य नीरज खलखो, राकेश सिन्हा, सुरेन राम, डॉ राकेश किरण महतो, जगदीश साहु, राजकुमार यादव, एस तारीक अनवर, हुसैन खान, मंजर मुजीबी, अख्र अली, गुलाम रब्बानी, आसिफ खान,बिनोद खलखोा, रमजान अंसारी, फिरोज अंसारी, खुर्शीद, शहीद अंसारी, सैंकी खान, असफर, तौकिर खान, मो सफर, मो मुजीबी आदि सैकड़ो कांग्रेसजन शामिल थे।

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