झारखंड में 16 हार्डकोर नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, 6 महिला नक्सली भी शामिल
रांची: झारखंड में नक्सलवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को मंगलवार को बड़ी सफलता मिली। राज्य सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति और ऑपरेशन नवजीवन से प्रभावित होकर 16 हार्डकोर इनामी नक्सलियों ने पुलिस मुख्यालय में आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण करने वालों में छह महिला नक्सली भी शामिल हैं। सरेंडर करने वाले नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष 15 हथियार और 1562 कारतूस भी जमा कराए।
इस मौके पर झारखंड के डीजीपी तदाशा मिश्रा ने सभी आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को सम्मानित किया और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जुड़कर नए जीवन की शुरुआत करने का संदेश दिया। डीजीपी ने कहा कि नक्सली संगठनों के भीतर बढ़ते असंतोष और लगातार कमजोर हो रहे संगठनात्मक ढांचे के कारण बड़ी संख्या में नक्सली हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौट रहे हैं।
उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले इसी दस्ते से जुड़े कई नक्सली पहले ही छत्तीसगढ़ में भी आत्मसमर्पण कर चुके हैं। इससे स्पष्ट है कि नक्सली संगठनों के भीतर अब विश्वास का संकट गहराता जा रहा है और उनके कैडर लगातार संगठन छोड़ रहे हैं।
डीजीपी ने कहा कि झारखंड को नक्सल मुक्त बनाने के लिए राज्य सरकार और सुरक्षा बलों की ओर से लगातार अभियान चलाया जा रहा है। पश्चिमी सिंहभूम और चाईबासा में नक्सली गतिविधियां अब समाप्ति की ओर हैं। सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई, विकास योजनाओं और सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल नक्सलियों को गिरफ्तार करना नहीं, बल्कि हथियार छोड़ने वालों को सम्मानजनक जीवन का अवसर देकर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना भी है। मंगलवार को हुआ सामूहिक आत्मसमर्पण इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।


