JPSC के सवालों से भाग रही कांग्रेस-जेएमएम सरकार, भाजपा के आंदोलन से पहले बौखलाई कांग्रेस : अशोक बड़ाईक

रांची: भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अशोक बड़ाईक ने कांग्रेस के प्रदेश मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा के बयान को झूठ, राजनीतिक हताशा और युवाओं के मुद्दों से ध्यान भटकाने की असफल कोशिश बताया है। उन्होंने कहा कि 22 जुलाई को होने वाले भारतीय जनता युवा मोर्चा के ऐतिहासिक JPSC घेराव से घबराकर कांग्रेस और झामुमो के नेताओं की बौखलाहट साफ दिखाई दे रही है।
उन्होंने कहा कि यदि झामुमो-कांग्रेस सरकार के दामन पर कोई दाग नहीं है तो वह JPSC को लेकर उठ रहे सवालों से भाग क्यों रही है? 14वीं JPSC का परिणाम आधी रात में, वह भी आयोग के सक्षम हस्ताक्षर के बिना क्यों जारी किया गया? कटऑफ सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया? उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की प्रक्रिया को गोपनीय क्यों रखा गया? उत्तर प्रदेश में ब्लैकलिस्टेड रही एजेंसी को भर्ती प्रक्रिया की जिम्मेदारी किसके संरक्षण में दी गई? इन सवालों का जवाब देने के बजाय कांग्रेस भाजपा पर आरोप लगाकर अपनी विफलताओं पर पर्दा डालना चाहती है।
अशोक बड़ाईक ने कहा कि 22 जुलाई का JPSC घेराव किसी दल का नहीं, बल्कि झारखंड के लाखों बेरोजगार युवाओं के भविष्य, उनके सम्मान और उनके अधिकारों का आंदोलन है। प्रदेशभर से हजारों छात्र, अभ्यर्थी और भाजयुमो कार्यकर्ता रांची पहुंचकर सरकार को यह संदेश देंगे कि अब युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस भाजपा को नैतिकता का पाठ पढ़ाने से पहले अपने इतिहास पर नजर डाले। कांग्रेस के दस वर्षीय शासनकाल में AIPMT, AIEEE, AIIMS, CBSE सहित अनेक राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय परीक्षाओं में पेपर लीक और धांधली आम बात बन चुकी थी। लाखों युवाओं का भविष्य बर्बाद हुआ, लेकिन कांग्रेस सरकार ने न पेपर लीक माफियाओं के खिलाफ कोई कठोर कानून बनाया, न कोई ठोस कार्रवाई की और न ही कभी जवाबदेही तय की। कांग्रेस की चुप्पी ने ही पेपर लीक माफियाओं के हौसले बुलंद किए।
अशोक बड़ाईक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पहली बार देश में पेपर लीक माफियाओं के खिलाफ निर्णायक लड़ाई शुरू हुई। केंद्र सरकार ने ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 लागू कर स्पष्ट संदेश दिया कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के लिए देश में कोई जगह नहीं है। अब ऐसे अपराधियों के खिलाफ कठोर कारावास और भारी आर्थिक दंड का प्रावधान है।
उन्होंने कहा कि NEET परीक्षा में अनियमितताओं की जानकारी मिलते ही केंद्र सरकार ने तत्काल कार्रवाई की, आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा, जांच एजेंसियों को सक्रिय किया और लाखों विद्यार्थियों का भविष्य सुरक्षित रखने के लिए पुनः परीक्षा कराकर समयबद्ध तरीके से परिणाम घोषित किया। स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट कहा है कि पेपर लीक करने वाले युवाओं के सपनों के अपराधी हैं और उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
अशोक बड़ाईक ने कहा कि कांग्रेस और झामुमो सरकार दूसरों पर उंगली उठाने से पहले झारखंड के युवाओं को जवाब दे कि JPSC में पारदर्शिता क्यों नहीं है? भर्ती प्रक्रिया पर लगातार सवाल क्यों उठ रहे हैं? और आखिर सरकार दोषियों को बचाने की कोशिश क्यों कर रही है?
उन्होंने कहा कि भाजपा झारखंड के युवाओं के न्याय की लड़ाई लड़ रही है और लड़ती रहेगी। जब तक JPSC से जुड़े प्रत्येक आरोप की निष्पक्ष जांच, पूरी पारदर्शिता और दोषियों पर कठोर कार्रवाई नहीं होती, भाजपा का संघर्ष सड़क से सदन तक पूरी ताकत के साथ जारी रहेगा।

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