राम मंदिर में चोरी पर भाजपा की चुप्पी, सौरभ ने उठाए बड़े सवाल, मतलब निकलने पर रामलला को ही भूल गई भाजपा:सौरभ श्रीवास्तव

लातेहार :अयोध्या के प्रसिद्ध राम मंदिर में दान पेटी के रुपयों और चढ़ावे की चोरी के मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। इस मुद्दे पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) लातेहार के युवा और फायरब्रांड नेता सौरभ श्रीवास्तव ने भारतीय जनता पार्टी पर जोरदार हमला बोला है।

सौरभ श्रीवास्तव ने कहा कि वर्षों तक राम मंदिर के नाम पर राजनीति कर सत्ता तक पहुंचने वाली भाजपा आज मंदिर से जुड़े गंभीर मुद्दों पर चुप्पी साधे बैठी है।

उन्होंने कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राम मंदिर निर्माण हुआ, तब भाजपा नेताओं ने इसका पूरा श्रेय लेने में कोई कसर नहीं छोड़ी।ऐसा माहौल बनाया गया मानो भाजपा ने अपने निजी संसाधनों से ही मंदिर का निर्माण कराया हो।

उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर उद्घाटन समारोह के दौरान भाजपा के बड़े नेताओं से लेकर देश के प्रधानमंत्री तक ने इसे राजनीतिक उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत किया। लेकिन अब जब मंदिर की दान पेटी और चढ़ावे की चोरी का मामला सामने आया है और मंदिर प्रबंधन सवालों के घेरे में है, तब भाजपा के नेता इस मुद्दे से दूरी बनाते नजर आ रहे हैं।
सौरभ ने तंज कसते हुए कहा,
“गांव में एक कहावत है— मीठा-मीठा हमारा, कड़वा-कड़वा तुम्हारा।भाजपा आज ठीक उसी नीति पर चल रही है।”

उन्होंने कहा कि जब श्रेय लेने की बात आई तो भाजपा सबसे आगे थी, लेकिन जब जवाबदेही तय करने की बारी आई तो सभी नेता मौन हो गए।यह भाजपा की नीयत और दोहरे चरित्र को उजागर करता है।

सौरभ श्रीवास्तव ने आगे कहा कि भाजपा को याद रखना चाहिए कि राम मंदिर के मुद्दे को राजनीतिक हथियार बनाकर उसने कई राज्यों में सत्ता हासिल की है। लेकिन आज जब राम मंदिर की गरिमा और प्रबंधन पर सवाल उठ रहे हैं, तब भाजपा के नेता बयान देने से भी बच रहे हैं।

उन्होंने कहा,
“जो नेता हर मंच से रामलला का नाम लेते नहीं थकते थे, वही आज मंदिर में हुई चोरी पर बोलने से कतरा रहे हैं। देश की जनता भाजपा की इस मानसिकता को समझ रही है।”

सौरभ के इस तीखे और चुटीले बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में राम मंदिर, भाजपा और उसकी जवाबदेही को लेकर बहस तेज हो गई है।आने वाले दिनों में यह मुद्दा और अधिक गरमा सकता है।

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