असम में अब सीएम हेमंत सोरेन देंगे चुनौती, बीजेपी का किला कमजोर होगा : सीमा राय
रांची: असम में इस वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। झारखंड से महागठबंधन के कई नेता, खासकर झामुमो और कांग्रेस के प्रतिनिधि लगातार असम का दौरा कर रहे हैं। उनका उद्देश्य वहां बीजेपी के प्रभाव को कमजोर करना और अपने पक्ष में माहौल तैयार करना है।
इसी क्रम में समाजसेवी तथा झामुमो के केंद्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व शिक्षा मंत्री बैद्यनाथ राम की पत्नी सीमा राय ने बीजेपी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि झारखंड विधानसभा चुनाव के दौरान बीजेपी ने असम के मुख्यमंत्री हेमंता बिस्वा सरमा को स्टार प्रचारक के रूप में यहां भेजा था। उन्हें पूरे राज्य में प्रचार के लिए उतारा गया और लगभग सभी प्रमुख विधानसभा क्षेत्रों में उन्होंने सभाएं कीं।
सीमा राय ने कहा कि बीजेपी को उम्मीद थी कि असम के मुख्यमंत्री के प्रचार से झारखंड में पार्टी को फायदा मिलेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। झारखंड की जागरूक जनता ने बीजेपी के नेताओं की बातों को स्वीकार नहीं किया और महागठबंधन के उम्मीदवारों को समर्थन दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी के स्टार प्रचारकों ने जनता से कई बड़े-बड़े वादे किए, लेकिन लोग उनके झांसे में नहीं आए।
उन्होंने कहा कि झारखंड के आदिवासी और मूलवासी समाज ने हमेशा अपने हितों को ध्यान में रखकर निर्णय लिया है और बाहरी नेताओं की बातों में नहीं आए।
सीमा राय ने आगे कहा कि अब असम विधानसभा चुनाव की बारी है और वहां भी राजनीतिक परिस्थितियां बदल रही हैं। झारखंड से कई आदिवासी नेता असम का दौरा कर रहे हैं, जिससे बीजेपी खेमे में बेचैनी बढ़ गई है।
उन्होंने दावा किया कि जिस तरह बीजेपी ने झारखंड में अपनी ताकत दिखाने की कोशिश की थी, उसी तरह अब असम में भी उसे कड़ी चुनौती मिलेगी और आने वाले चुनाव में वहां गैर-भाजपा सरकार बनने की पूरी संभावना है।



