एलपीजी संकट और बढ़ती तेल कीमतों के खिलाफ कांग्रेस मंत्रियों-विधायकों का विधानसभा के बाहर प्रदर्शन
रांची: झारखंड विधानसभा बजट सत्र के 13वें दिन शुक्रवार को एलपीजी की किल्लत और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के खिलाफ कांग्रेस के मंत्री और विधायकों ने विधानसभा परिसर के बाहर जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में महागठबंधन के कई नेता और विधायक भी शामिल हुए।
प्रदर्शन के दौरान स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी अलग अंदाज में विधानसभा पहुंचे। वे रिक्शा चलाकर विधानसभा पहुंचे, जबकि कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की उसी रिक्शा पर बैठी हुई थीं। नेताओं ने इस प्रतीकात्मक प्रदर्शन के जरिए बढ़ती महंगाई और ईंधन संकट के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की।
इस मौके पर मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज देश की जनता गंभीर संकट का सामना कर रही है। एलपीजी की किल्लत धीरे-धीरे बढ़ती जा रही है और इसका असर आम लोगों के जीवन पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि आज हर घर में यह चिंता है कि रसोई गैस कहाँ से आएगी और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के कारण आम लोगों की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं।
दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि कमर्शियल गैस सिलेंडर पर निर्भर कारोबारियों का व्यापार भी प्रभावित हो रहा है। होटल, ढाबा और छोटे व्यवसाय चलाने वाले लोग इस संकट से खासे परेशान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अंतरराष्ट्रीय दबाव के सामने झुक गई है और उसका खामियाजा देश की जनता को भुगतना पड़ रहा है।
वहीं स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी और कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने भी केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार असली मुद्दों से ध्यान हटाकर केवल नारों और प्रतीकों की राजनीति कर रही है। संसद में विपक्षी नेताओं ने कई बार गैस संकट का मुद्दा उठाया, लेकिन केंद्र सरकार इस पर जवाब देने से बचती रही।
मंत्रियों और विधायकों ने केंद्र सरकार से मांग की कि एलपीजी की आपूर्ति जल्द सामान्य की जाए और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण कर आम जनता को राहत दी जाए।
इस प्रदर्शन में राजद विधायक संजय सिंह यादव, सुरेश पासवान, कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव और माले विधायक अरूप चटर्जी समेत महागठबंधन के कई विधायक मौजूद थे।



