राजकीय हथकरघा एवं सरस मेला का आगाज, 20 मार्च तक चलेगा मेला
रांची: राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में सोमवार को राजकीय हथकरघा एवं सरस मेला का भव्य शुभारंभ हुआ। मेले का उद्घाटन राज्य के उद्योग मंत्री संजय प्रसाद यादव और ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका सिंह पांडेय ने संयुक्त रूप से किया। यह मेला 20 मार्च तक आम लोगों के लिए खुला रहेगा और इसमें बड़ी संख्या में लोग खरीदारी और विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों का आनंद ले सकेंगे।
मेले में लगभग 600 स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें झारखंड के साथ-साथ बिहार, दिल्ली, ओडिशा सहित देश के कई राज्यों के बुनकर और कारीगर अपने हैंडलूम एवं हस्तशिल्प उत्पादों का प्रदर्शन कर रहे हैं। यहां पारंपरिक साड़ियां, कपड़े, हस्तनिर्मित वस्त्र, घरेलू सजावटी सामान और हस्तशिल्प की कई आकर्षक वस्तुएं उपलब्ध हैं। इसके अलावा मेले में विभिन्न राज्यों के पारंपरिक और लजीज व्यंजनों के भी स्टॉल लगाए गए हैं, जो आगंतुकों को खासा आकर्षित कर रहे हैं।
उद्घाटन के बाद दोनों मंत्रियों ने मेले में लगे विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया और कारीगरों व उद्यमियों से बातचीत कर उनके उत्पादों और कार्यों की जानकारी ली। इस अवसर पर ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका सिंह पांडेय ने कहा कि इस तरह के मेले राज्य के कारीगरों, बुनकरों और स्वयं सहायता समूहों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित हो रहे हैं। इससे उन्हें अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने और बड़े बाजार से जुड़ने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि पलाश सहित कई स्थानीय उत्पादों को भी इस मेले के माध्यम से बेहतर बाजार मिल रहा है।
उन्होंने बताया कि झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी की ओर से भी 10 स्टॉल लगाए गए हैं, जहां स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की बिक्री की जा रही है।
वहीं उद्योग मंत्री संजय प्रसाद यादव ने कहा कि इस मेले का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना और खासकर ग्रामीण महिला उद्यमियों को सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन से कारीगरों और बुनकरों को अपने उत्पादों के लिए बेहतर पहचान और बाजार मिलता है।
कार्यक्रम के दौरान कई उद्यमियों को राज्य सरकार की ओर से सहायता राशि के चेक भी वितरित किए गए। इस अवसर पर झारक्राफ्ट की सीईओ गरिमा सिंह, जेएसएलपीएस के सीओ अनन्य मित्तल सहित कई अधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद थे।



