संवेदनशील कानून, संतुलित कार्रवाई पर डीएम का जोर, SC/ST एक्ट के मामलों में निष्पक्ष जांच और दुरुपयोग रोकने के दिए सख्त निर्देश
भागलपुर। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (SC/ST) अधिनियम के तहत दर्ज होने वाले मामलों को लेकर भागलपुर जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट एवं सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि यह कानून समाज के कमजोर और वंचित वर्गों को सुरक्षा एवं न्याय प्रदान करने के उद्देश्य से बनाया गया है, इसलिए इसकी गंभीरता और संवेदनशीलता को हर स्तर पर समझना आवश्यक है।
डीएम ने कहा कि इस एक्ट के तहत दर्ज मामलों की जांच न तो औपचारिकता बनकर रह जाए और न ही किसी दबाव या पूर्वाग्रह से प्रभावित हो। जांच पूरी तरह तथ्यों, साक्ष्यों और कानून की मंशा के अनुरूप होनी चाहिए। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि अधिनियम का दुरुपयोग किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, वहीं वास्तविक पीड़ितों को न्याय दिलाने में किसी तरह की ढिलाई भी स्वीकार्य नहीं होगी।
डॉ. चौधरी ने पुलिस और संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक मामले में मानवीय दृष्टिकोण के साथ-साथ सामाजिक समरसता का भी ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि जल्दबाज़ी में की गई कार्रवाई से जहां निर्दोष लोग परेशान हो सकते हैं, वहीं लापरवाही से पीड़ितों का प्रशासन पर से भरोसा भी टूटता है। इसलिए संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है।
जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि इस एक्ट से जुड़े मामलों की जांच के दौरान सभी कानूनी प्रावधानों का अक्षरशः पालन किया जाए। जांच प्रक्रिया पारदर्शी हो और रिपोर्ट तथ्यों के आधार पर समय पर प्रस्तुत की जाए, ताकि न्यायिक प्रक्रिया मजबूत हो सके।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही, पक्षपात या नियमों की अनदेखी सामने आती है, तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि कानून का सही इस्तेमाल हो, पीड़ितों को न्याय मिले और समाज में विश्वास व संतुलन बना रहे।



