नशीले दवाओं के दुरूपयोग और उनके खतरे पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

रांची : झालसा के निर्देश पर न्यायायुक्त-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के मार्गदर्शन में तथा डालसा सचिव के निर्देश पर डालसा टीम के द्वारा रिनपास कांके, रांची में नशीले दवाओं के दुरूपयोग तथा उनके खतरे पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन कर लोगों को जागरूक किया गया। इस अवसर पर एलएडीसी डिप्टी, कविता कुमारी खाती, पीएलवी भारती देवी, सम्पा दास, प्रिति पाल एवं राजा वर्मा उपस्थित थे।

एलएडीसी डिप्टी, कविता कुमारी खाती ने नशा के सेवन, नशीले दवाओं के दुरूपयोग एवं उनसे होनेवाले खतरों पर फोकस किये। नशा से धन व स्वास्थ्य की हानि होती है। नशा से घर-परिवार बर्बाद हो जाता है। प्रीति पाल ने कहा कि अभिभावक अपने बच्चों को नशे के सेवन से दूर रखें। नशा का कु-प्रभाव सीधे मस्तिष्क पर पड़ता है और बच्चे व नौजवान अपराध की ओर अग्रसर होते है। श्रीमति खाती ने एनडीपीएस एक्ट पर भी फोकस किये।

पीएलवी भारती शाहदेव ने कहा कि डालसा, रांची के द्वारा समय-समय पर नशा उन्मूलन पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन तथा नुक्कड़ नाकटक का भी आयोजन किया जाता है। हमलोगों का उद्देश्य युवाओं व बच्चों को नशा से दूर करना तथा नशामुक्त समाज का निर्माण करना हैं।

पीएलवी प्रीति पाल ने सड़क पर रहने वाले बच्चों के समग्र विकास और उन्हें नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खतरे से बचाने पर फोकस किये। उन्होंने कहा कि सड़क के किनारे अगर कोई बच्चे ड्रग्स का सेवन करते हुए दिखते है, तो उन्हें चिन्हित कर हमें बतायें, नशीड़ी बच्चों को मुख्यधारा में लाने के लिए डालसा भरसक प्रयास करेगा।

पीएलवी सम्पा दास एवं प्रीति पाल ने कहा कि मानसिक रोगियों को नशा से छुटकारा पाने के लिए और उसके इलाज के लिए रिनपास और सीआईपी में लाने और उनका मनोचिकित्सक के परामर्श से दवा लेने से नशा से पीड़ित रोगियों का इलाज संभव है।     

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