बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर का आठवां दीक्षांत समारोह भव्य रूप से मनाया गया
भागलपुर। बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर (BAU Sabour) ने अपने आठवें दीक्षांत समारोह का आयोजन अत्यंत गरिमामय वातावरण में किया। इस विशेष अवसर पर महामहिम राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और राज्य के उपमुख्यमंत्री सह कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। विश्वविद्यालय प्रांगण में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम ने शिक्षा, शोध और नवाचार के क्षेत्र में संस्थान की उपलब्धियों को रेखांकित किया। इस मौके पर 797 विद्यार्थियों को दी गई उपाधियां, सिंदूर बाग का उद्घाटन व नीरा उत्पाद का अनावरण किया गया।
पूर्व सिंदूर उद्यान का उद्घाटन: प्राकृतिक खेती की नई दिशा :
कार्यक्रम की शुरुआत पूर्व सिंदूर उद्यान के उद्घाटन से हुई, जहां राज्यपाल ने स्वयं सिंदूर के पौधे लगाए। यह पहल बिहार में प्राकृतिक रंगों की खेती को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। राज्यपाल ने कहा – “मैंने कभी नहीं सोचा था कि सिंदूर जैसी चीज़ की खेती भी हो सकती है, और वह भी खाने में प्रयोग योग्य होगी। यह एक अद्भुत उपलब्धि है।”
दीक्षांत समारोह में 797 विद्यार्थियों को मिली उपाधियां
मुख्य समारोह विश्वविद्यालय के सेंट्रल हॉल में आयोजित हुआ, जहां राज्यपाल को मखाना की माला पहनाकर स्वागत किया गया। इसके पश्चात उन्होंने विभिन्न पाठ्यक्रमों के 797 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान कीं। इनमें से कई छात्रों को डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (Ph.D.) और मास्टर ऑफ एग्रीकल्चर की उपाधियां मिलीं।
राज्यपाल ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा – “आप कृषि क्षेत्र के भविष्य हैं। तकनीक और नवाचार के जरिए भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में आप अहम भूमिका निभाएंगे।”
नीरा लिक्विड और पाउडर का अनावरण, वैश्विक स्तर की खोज :
दीक्षांत समारोह में एक बड़ी वैज्ञानिक उपलब्धि के रूप में नीरा से तैयार पाउडर और लिक्विड उत्पादों का अनावरण किया गया। BAU के वैज्ञानिकों द्वारा विकसित यह लिक्विड नीरा पहली बार ऐसा तैयार हुआ है जो छह महीने तक टिकाऊ रहता है, जो कि वैश्विक स्तर पर एक नई शुरुआत मानी जा रही है।
राज्यपाल ने कहा – “नीरा जैसे उत्पादों में वैल्यू ऐड कर के हम किसानों की आमदनी बढ़ा सकते हैं। विश्वविद्यालय इस दिशा में सराहनीय कार्य कर रहा है।”
GI टैग प्राप्त कतरनी धान की पैकेजिंग का लोकार्पण :
कार्यक्रम में GI टैग प्राप्त कतरनी धान, कतरनी चूड़ा और चावल की नई पैकेजिंग डिज़ाइन का भी अनावरण किया गया। BAU अब नई दिल्ली स्थित पैकेजिंग संस्थान के सहयोग से इन उत्पादों को बाज़ार में आकर्षक रूप में प्रस्तुत करेगा।
यह पहल किसानों को उनके उत्पादों के लिए बेहतर दाम दिलाने में मदद करेगी और बिहार के पारंपरिक धान उत्पादों को वैश्विक पहचान भी दिलाएगी।
NAAC में ‘A’ ग्रेड हासिल करने पर राज्यपाल ने दी बधाई :
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय को हाल ही में मिले NAAC के ‘A’ ग्रेड के लिए बधाई दी और कहा कि
“यह संस्थान इससे भी बेहतर ग्रेड का हकदार है। यहां का शोध, नवाचार और विद्यार्थियों की मेहनत इसे विश्वस्तरीय बनाएगी।”
समारोह में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां व प्रदर्शनी :
समारोह के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों द्वारा कृषि आधारित उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई थी। इसके अलावा सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दर्शकों का मन मोह लिया।
बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर का यह दीक्षांत समारोह न केवल शैक्षणिक उपलब्धियों का उत्सव था, बल्कि यह कृषि, शोध और नवाचार के क्षेत्र में बिहार की अग्रणी भूमिका को भी दर्शाता है। राज्यपाल व उपमुख्यमंत्री की उपस्थिति ने समारोह की गरिमा को और बढ़ाया, वहीं नीरा उत्पाद, सिंदूर की खेती और कतरनी धान की पैकेजिंग जैसी पहलें राज्य के कृषि विकास को नई दिशा देंगी।



