अपनी कर्मभूमि महाराष्ट्र की सेवा के साथ अपनी जन्मभूमि बिहार की उन्नति और प्रगति में भी योगदान दें : संजय सरावगी
दरभंगा– बिहार दिवस के उपलक्ष्य में बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री संजय सरावगी ने महराष्ट्र में आयोजित विभिन्न समारोहों को हिस्सा लिया। इस क्रम में वे बिहार फाउंडेशन महाराष्ट्र चैप्टर द्वारा मुंबई में आयोजित ’बिहार दिवस 2025’ समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने प्रवासी बिहारवासियों को संबोधित करते हुए महाराष्ट्र के प्रति आभार व्यक्त किया और बिहार की उपलब्धियों एवं विकास योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की।श्री सरावगी ने कहा कि महाराष्ट्र ने प्रवासी बिहारवासियों को अपने सपनों को साकार करने का अवसर और एक सशक्त मंच प्रदान किया है। आपकी भूमि ने उन्हें कर्मभूमि दी, तो बिहार ने उन्हें संस्कार, मेहनत एवं जज़्बे की पहचान सौंपी। यही कारण है कि बिहारवासी अपनी प्रतिभा और परिश्रम से आपकी प्रगति में योगदान दे रहे हैं।उन्होंने कहा कि बिहार दिवस के अवसर पर उन्नत बिहार, विकसित बिहार के संकल्प को दोहराते हुए सभी प्रवासी बिहारवासियों को राज्य की 113वीं वर्षगांठ की शुभकामनाएँ देता हूँ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प में बिहार की अग्रणी भूमिका रहेगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार विकास के नए आयाम छू रहा है।श्री सरावगी ने बिहार की गौरवशाली ऐतिहासिक विरासत पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह वही भूमि है जहाँ महात्मा बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ, जहाँ भगवान महावीर, गुरु गोविंद सिंह, चाणक्य और चंद्रगुप्त मौर्य जैसी महान विभूतियाँ जन्मीं। नालंदा विश्वविद्यालय जैसे प्राचीन ज्ञान केंद्र की धरती बिहार आज एनडीए शासनकाल में निरंतर विकास की नई गाथाएँ लिख रही है।बिहार में हुआ अभूतपूर्व विकास राजस्व मंत्री ने कहा कि बिहार ने 2005 से पहले अपहरण उद्योग और अराजकता के दौर से लेकर वर्तमान में विकास के पथ पर एक लंबा सफर तय किया है। आज बिहार में 38 सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज और 38 पॉलिटेक्निक संस्थान हैं, जबकि 2005 से पहले यह संख्या क्रमशः 3 और 13 थी। राज्य में 21 सरकारी मेडिकल कॉलेज कार्यरत हैं और 23 निर्माणाधीन हैं। पटना के बाद दरभंगा में भी एम्स जैसे विश्वस्तरीय अस्पताल का निर्माण हो रहा है।उन्होंने बताया कि बिहार में देश का दूसरा सबसे बड़ा रियो (रिजनल इंस्च्यिट ऑफ ऑपथमोलॉजी) के साथ-साथ शंकरा आई हॉस्पीटल बिहार शाखा खोल रहा है। 5462 बेड वाला विश्व का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल 5400 करोड़ की लागत से तैयार किया जा रहा है, जिसके प्रथम चरण का कार्य पूरा हो चुका है। बिहार का विकास दर 14.50 प्रतिशत है, जो देश में दूसरे स्थान पर है और देश के आर्थिक विकास दर से ज्यादा है। 2005 में जहाँ प्रति व्यक्ति आय 7914 रुपये थी, वह 2025 में बढ़कर 66,828 रुपये हो गई है। बिहार में 2005 से पहले 384 किमी ग्रामीण सड़कें थीं, जो अब बढ़कर 1,12,505 किमी हो गई हैं। साथ ही, पाँच एक्सप्रेसवे का निर्माण हो रहा है।बिहार को रोजगार हब बनाने का संकल्पश्री सरावगी ने कहा कि बिहार अब रोजगार देने वाला राज्य बन रहा है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि अगले 10 वर्षों में बिहार से कोई भी व्यक्ति रोजगार के लिए बाहर नहीं जाएगा, बल्कि दूसरे राज्यों के लोग बिहार में रोजगार के लिए आएंगे। उन्होंने प्रवासी बिहारवासियों से आह्वान किया कि वे अपनी कर्मभूमि महाराष्ट्र की सेवा के साथ-साथ अपनी जन्मभूमि बिहार की उन्नति और प्रगति में भी योगदान दें।बिहार में मखाना बोर्ड की स्थापनाश्री सरावगी ने बताया कि बिहार में मखाना बोर्ड की स्थापना की जा रही है, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और बिहार के प्रसिद्ध मखाने को वैश्विक पहचान मिलेगी। मखाना उद्योग के लिए बिहार सरकार विशेष योजनाएँ लागू कर रही है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि होगी और यह मखाना राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी विशेष पहचान बनाएगा।राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की डिजिटल क्रांति मंत्री श्री सरावगी ने बताया कि बिहार का राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग पूरी तरह से डिजिटल हो चुका है। अब लोग दाखिल-खारिज, परिमार्जन प्लस, डिजिटल हस्ताक्षर, भू-अभिलेख, भू-लगान भुगतान, ऑनलाइन राजस्व न्यायालय, ई-मैपिंग, राजस्व नक्शा की डोर-स्टेप डिलीवरी, जमाबंदी जैसे कार्य ऑनलाइन कर सकते हैं। भूमि दखल कब्जा प्रमाणपत्र भी ऑनलाइन उपलब्ध है।बिहार में रेल और हवाई संपर्क का विस्तारमंत्री श्री सरावगी ने बताया कि बिहार में रेल और हवाई संपर्क को नई ऊँचाइयाँ मिल रही हैं। गया और पटना एयरपोर्ट का विस्तार किया जा रहा है, जबकि दरभंगा एयरपोर्ट से रोजाना नए शहरों के लिए उड़ानें बढ़ाई जा रही हैं। पूर्णिया एयरपोर्ट से जल्द ही उड़ान शुरू हो जाएगी, जिससे राज्य के विभिन्न हिस्सों में कनेक्टिविटी बेहतर होगी।सीतामढ़ी में विशाल माँ जानकी मंदिर का निर्माण अयोध्या में निर्मित श्री राम मंदिर के तर्ज पर सीतामढ़ी के पुरौना धाम में 50 एकड़ में विशाल माँ जानकी मंदिर के निर्माण का निर्णय लिया जा चुका है। यह मंदिर धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगा और क्षेत्र के आर्थिक विकास में सहायक होगा।बिहार दिवस समारोह में बिहार की संस्कृति की झलक कार्यक्रम में बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को भी प्रस्तुत किया गया। लोकगीत, नृत्य और पारंपरिक व्यंजन स्टॉल ने लोगों को बिहार की मिट्टी की खुशबू से सराबोर कर दिया। समारोह में मुंबई स्थित विभिन्न सामाजिक संगठनों, प्रवासी बिहारियों और स्थानीय गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। 150 करोड़ की लागत से हो रहा बिहार भवन का निर्माण महाराष्ट्र प्रवास के दौरान राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री श्री सरावगी ने मुंबई डॉकयार्ड के समीप प्रस्तावित बिहार भवन के निर्माण स्थल का भ्रमण एवं कार्य प्रगति का निरीक्षण भी किया। उन्होंने बताया कि बिहार सरकार द्वारा 150 करोड़ रुपये की लागत से लगभग 1 एकड़ भूमि क्रय करके बिहार भवन के रूप में बहुमंजिला इमारत का निर्माण किया जा रहा है। इसमें कैंसर मरीजों को रहने के लिए विशेष सुविधाएँ उपलब्ध कराई जायेगी, साथ ही बिहारवासियों के लिए अन्य आवश्यक सेवाएँ भी प्रदान की जायेगी। वर्तमान में बाउंड्री वॉल का निर्माण कार्य प्रगति पर है। यह भवन बिहार और महाराष्ट्र के बीच समन्वय एवं सहयोग को और अधिक सुदृढ़ करेगा तथा बिहारवासियों के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में कार्य करेगा। इस दौरान मंत्री श्री सरावगी का बिहार फाउंडेशन के अध्यक्ष कैसर खालिद (एडीजीपी महाराष्ट्र) सहित अन्य पदाधिकारियों ने स्वागत किया।

