सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह मे राज्यपाल बोले,सपनों और विचारों को मूर्त रूप प्रदान करने की दिशा में नई यात्रा का आरंभ करें

रांची। सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह मे राज्यपाल रमेश बैस ने कहा कि दीक्षांत समारोह का अपना एक विशेष महत्व है। विद्यार्थियों के चेहरे पर मुस्कान, उमंग और उत्साह इस समारोह की गरिमा को और बढ़ा देता है।
उपाधि ग्रहण करने वाले विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों के लिए यह दीक्षांत समारोह एक अहम अवसर है जिसमें उनके वर्षों की कड़ी मेहनत का परिणाम दिखाई देता है। हमारे विद्यार्थियों में निहित प्रेरणादायक विचार उनके जीवन को प्रगति के मार्ग पर ले जाने की ताकत रखता है, उनमें देश और समाज को विकास के नये मुकाम पर ले जाने की क्षमता है।
यह क्षण विद्यार्थियों के लिए अपनी सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करने के साथ-साथ आगामी जीवन सफर तय करने की दिशा में एक नया कदम रखने की खुशी एक नये दायित्वों को निभाने के लिए भी प्रेरित करता है।
उच्च शिक्षा की डिग्री हासिल करना निश्चित रूप से सौभाग्य और उपलब्धि की बात है। गर्व और उपलब्धि के इस उचित भाव के साथ ही भविष्य के बारे में आशा और उम्मीद भी है। आप अपने सपनों और विचारों को मूर्त रूप प्रदान करने की दिशा में नई यात्रा का आरंभ करें।  आज आपके जीवन का एक नया अध्याय शुरु हो रहा है। प्रतियोगिता के इस युग में उत्कृष्टता हासिल करना जरूरी भी है और चुनौती भी। आज तक आपने सिर्फ पुस्तकों और शिक्षकों से ज्ञान प्राप्त किया है, पर आज के बाद पूरी दुनिया आपके सामने एक विस्तृत पुस्तकालय के रुप में खुल जायगी। आपकी विचारों एवं कर्मों में उदारता, नैतिकता एवं संकल्प हो और हृदय में परोपकार की भावना हो। आपकी वाणी और आपके व्यवहार में विनम्रता एवं मर्यादा हो। शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने और नौकरी पाने का माध्यम नहीं है। शिक्षा का मूल उद्देश्य है, चरित्र निर्माण। शिक्षा का कार्य खाली दिमाग को खुले दिमाग में बदलना है। इसके लिए जरूरी है कि शिक्षक अपने हृदय में सहानुभूति और समर्पण को जगह दे ताकि विद्यार्थियों को समझ सके, उनकी समस्याओं को जान सके, पहचान सके और उसके निदान का मार्ग प्रशस्त कर सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *