एकादशी व्रत श्रीहरि नारायण के दर्शन का सबसे पावन अवसर है
अनूप कुमार सिंह
भोजपुर (आरा)एकादशी व्रत श्रीहरि नारायण के दर्शन का सबसे पावन अवसर है।भागवत कथा के माध्यम से मानव जीवन की सभी परेशानियां दूर हो जाती हैं।उक्त बातें आचार्य भारत भूषण पाण्डेय जी महाराज ने कही।वे गुरुवार को शहर के स्थानीय चंदवा सूर्य मंदिर परिसर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद भागवत सप्ताह यज्ञ को संबोधित कर रहे थे।सनातन शक्तिपीठ अध्यक्ष डॉ आचार्य भारत भूषण पांडेय व सरल हृदय संत भागवताचार्य निर्मल जी महाराज ने एकादशी व्रत पर बोलते हुए भक्तों को बताया की एकादशी व्रत सनातन धर्म का मूल स्तंभ है।इस कथा की व्याख्या करते हुए दोनों प्रसिद्ध संतों ने परम भागवत अंबरीश की भक्ति व निष्ठा को उद्धित करते हुए बताया की सम्राट होते हुए भी उनकी जीवनशैली सदैव भक्तिमय व्यतीत हुई।भागवत पूजन के लिए स्वयं पुष्प उतारकर पूजा करते थे।भागवत कथा मंदाकनी में अवगाहित होना तथा संतो के मुखार से कथा श्रवण करना जीवन का मोक्ष मार्ग है।
31 मार्च से शुरू हुए इस कार्यक्रम में आचार्य द्वय ने श्रीमद् भागवत कथा पर प्रकाश डालते हुए भक्ति देवी के कष्ट के निवारण की कथा को प्रस्तुत किया और प्रेत बाधा से मुक्ति के उपाय बताए।
मुख्य यजमानों में मनजी तिवारी,पुरंजय ओझा,बिनोद तिवारी सपत्नीक शामिल हुए।कथा का मूलपाठ पंडित ब्रज किशोर पांडेय की देख रेख में चल रहा है।इस सात दिवसीय श्रीमद भागवत कथा सप्ताह यज्ञ का समापन 06 अप्रैल को होगा।
भागवत कथा सप्ताह यज्ञ के आयोजन में मुख्य रूप से भूमिका निभाने वाले रामानुज तिवारी,शोधन तिवारी, भरत तिवारी,उमेश तिवारी,बिमलेश तिवारी आदि शामिल हैं।

