24 दिसम्बर शनिवार का राशिफल एवम पंचांग
मेष: आज आपका दिन मिलाजुला रहेगा । आप सभी कार्यों को बेहतरीन तरीके से पूरा करने में सक्षम रहेंगे। आप की दबी हुई कोई प्रतिभा या बात लोगों के समक्ष उजागर होगी। जिससे आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा तथा मान-सम्मान में भी वृद्धि होगी। मन मुटाव का अन्त होगा। घर की सुख-सुविधा संबंधी वस्तुओं की खरीदारी या आवश्यक पकवान में परिवार के साथ समय व्यतीत होगा। स्वास्थ्य सुधार होगा।
वृष:आज दिनचर्या की गतिविधियों से हटकर किसी विशेष बात को गहराई से जानने के लिए समय व्यतीत करेंगे तथा अध्यात्म से जुड़े विषयों में विशेष रूचि रहेगी। अगर पैतृक संबंधी कोई मामला रुका हुआ है, तो आज किसी की मध्यस्थता से हल हो सकता है। मनोरंजन और मौज मस्ती के लिए समय निकाल पाएंगे। बाहर खाना खाने से बचें।
मिथुन: आज आपका समय आपके साथ है। किसी को उधार दिया हुआ या रुका हुआ पैसा मिलने की संभावना है, इसलिए उसे वसूल करने में अपना विशेष रुप से ध्यान केंद्रित रखें। आज रिश्तेदारों अथवा पड़ोसियों के साथ किसी गंभीर विषय पर चर्चा हो सकती हैं। इस चर्चा में आपके द्वारा रखा गया मजबूत पक्ष आपके मान-सम्मान में वृद्धि करेगा। प्रतिभा को सम्मान मिलेगा। स्वास्थ्य सही रहेगा।
कर्क:आज आपका समय मिलाजुला रहेगा । व्यस्तता व थकान हो सकती है ।कार्यक्षेत्र में काम की अधिकता रहेगी। परंतु जल्दबाजी की बजाय गंभीरता व सावधानी पूर्वक कार्य करने की आवश्यकता है। अपने कर्मचारियों के साथ संबंध खराब ना होने दें अन्यथा काम की गति धीमी हो सकती हैं। नौकरी पेशा व्यक्तियों को भी अपने काम को पूरी लगन से करने की जरूरत है। बेहतर स्वास्थ्य के लिए पानी पीने में कंजूसी न बरतें।
सिंह: आज आपकी ऊर्जा आपको औरों से बेहतर बनने में पूर्ण मदद करेगी। पारिवारिक लोगों की जरूरतों को पूरा करने तथा शॉपिंग वगैराह करने में समय व्यतीत होगा। आज रोजमर्रा की व्यस्ततम दिनचर्या में से कुछ समय सुकून और मौज मस्ती के लिए भी निकालेंगे। घर में रिश्तेदारों का भी आगमन होगा। मन शान्त रखने की कोशिश करना आसान होगा।
कन्या: आज आप मेहनतकश रहेंगे व पूरा लाभ भी मिलेगा। दोपहर बाद लाभदायक स्थितियां बन रही है, इसलिए दिन की शुरुआत में ही अपने महत्वपूर्ण काम पूरे करने संबंधी रूपरेखा बना लें। रियल एस्टेट से जुड़े लोगों की आज फायदेमंद डील हो सकती हैं। ऑफिस में अपने सहयोगियों के साथ किसी विशेष कार्य को लेकर विचार-विमर्श होगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।
तुला: आज का दिन राहतभरा होगा व मानसिक शांति रहेगी । कहीं से मन मुताबिक पेमेंट आ जाने से राहत मिलेगी और आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। धार्मिक संस्थाओं के सेवा संबंधी कार्यों में आपका विशेष योगदान रहेगा। सामाजिक दायरा बढ़ेगा और कई प्रकार की गतिविधियों में भी व्यस्तता बनी रहेगी। बेहतरीन स्वास्थ्य के लिए बाहर व धूप में घूमने से परहेज करें।
वृश्चिक:आज व्यापार फलदायक होगा । व्यस्त रहने से समय का सदुपयोग होगा । आयात निर्यात संबंधी व्यवसाय में विशेष अनुबंध प्राप्त होंगे। किसी भी प्रकार का व्यवसायिक कर्जा ना लें, नहीं तो आप किसी मुसीबत में पड़ सकते हैं। सरकारी नौकरी में वर्तमान परिस्थितियों की वजह से अधिक कार्यभार रहेगा। स्वास्थ्य का ध्यान अवश्य रखना है।
धनु:आज आप मानसिक दृष्टि से विशेष राहत महसूस करेंगे । पिछले कुछ समय से चल रही किसी समस्या का निवारण होने से आप स्वयं को तनाव मुक्त महसूस करेंगे। नजदीकी रिश्तेदारों तथा मित्रों के साथ सुखद समय व्यतीत होगा। और उनके साथ किसी विशेष मुद्दे पर विचार विमर्श भी होगा। तबीयत शरीरानुकूल रहेगी।
मकर: आज आप आराम की तलाश कर सकते हैं । व्यापार में भी कार्यभार की बहुत अधिकता रहेगी। और अधिक मेहनत तथा परिणाम सामान्य ही हासिल होंगे। अभी ज्यादा मुनाफे की उम्मीद ना रखें। नौकरीपेशा व्यक्तियों को अपना काम समय पर पूरा ना होने की वजह से उच्च अधिकारियों की नाराजगी सहनी पड़ सकती हैं। इसलिए अधूरे कार्य अवश्य पूर्ण कर लें। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।
कुंभ:आज आप गौरान्वित महसूस करेंगे। आपके सकारात्मक तथा सहयोगात्मक व्यवहार की वजह से परिवार तथा समाज में विशेष मान-सम्मान प्राप्त होगा। अगर कोई विवादित भूमि संबंधी परेशानी चल रही है, तो आज उसे किसी अनुभवी व्यक्ति की सलाह से हल करने की कोशिश करें, अवश्य ही सफलता प्राप्त होगी। तबीयत सम्बन्धित बात को नजरअंदाज न करें।
मीन: आज भाग्य आपके और भी साथ है इसलिए आज आपको नए व्यवसायिक अनुबंध मिलने की पूरी संभावना है। अपना अधिक समय मार्केटिंग तथा प्रोडक्ट की क्वालिटी को बढ़ाने में लगाएं। नौकरी पेशा व्यक्तियों के अपने बॉस व उच्चाधिकारियों के साथ संबंध मजबूत बनेंगे। मन प्रसन्न रहेगा। स्वास्थ्य सम्बन्धी लाभ होगा।
🌞 ll~ वैदिक पंचांग ~ll🌞
🌤️ दिनांक – 24 दिसम्बर 2022
🌤️ दिन – शनिवार
🌤️ विक्रम संवत – 2079
🌤️ शक संवत -1944
🌤️ अयन – दक्षिणायन
🌤️ ऋतु – शिशिर ॠतु
🌤️ मास – पौष मास
🌤️ पक्ष – शुक्ल
🌤️ तिथि – प्रतिपदा दोपहर 12:06 तक तत्पश्चात द्वितीया
🌤️ नक्षत्र – पूर्वाषाढा रात्रि 10:15 तक तत्पश्चात उत्तराषाढा
🌤️ योग – वृद्धि सुबह 09:27 तक तत्पश्चात ध्रुव
🌤️ राहुकाल – सुबह 09:56 से सुबह 11:17 तक
🌞 सूर्योदय- 06:13
🌦️ सूर्यास्त – 05:09
👉 दिशाशूल – पूर्व दिशा में
🚩 व्रत पर्व विवरण- चंद्र- दर्शन
🔥 विशेष – प्रतिपदा को कूष्माण्ड(कुम्हड़ा, पेठा) न खाये, क्योंकि यह धन का नाश करने वाला है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)
💥 ब्रह्म पुराण’ के 118 वें अध्याय में शनिदेव कहते हैं- ‘मेरे दिन अर्थात् शनिवार को जो मनुष्य नियमित रूप से पीपल के वृक्ष का स्पर्श करेंगे, उनके सब कार्य सिद्ध होंगे तथा मुझसे उनको कोई पीड़ा नहीं होगी। जो शनिवार को प्रातःकाल उठकर पीपल के वृक्ष का स्पर्श करेंगे, उन्हें ग्रहजन्य पीड़ा नहीं होगी।’ (ब्रह्म पुराण’)
💥 शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष का दोनों हाथों से स्पर्श करते हुए ‘ॐ नमः शिवाय।’ का 108 बार जप करने से दुःख, कठिनाई एवं ग्रहदोषों का प्रभाव शांत हो जाता है। (ब्रह्म पुराण’)
💥 हर शनिवार को पीपल की जड़ में जल चढ़ाने और दीपक जलाने से अनेक प्रकार के कष्टों का निवारण होता है ।(पद्म पुराण)
🌷 तुलसी को पानी अर्पण से पुण्य 🌷
🌿 अपने घर में तुलसी का पौधा अवश्य लगाना चाहिए उसकी हवा से भी बहुत लाभ होते हैं और तुलसी को एक ग्लास पानी अर्पण करने से सवा मासा सुवर्ण दान का फल मिलता है।
🌷 तुलसी पूजन विधि व तुलसी – नामाष्टक 🌷
🌿 तुलसी पूजन विधि 🌿
🙏🏻 25 दिसम्बर को सुबह स्नानादि के बाद घर के स्वच्छ स्थान पर तुलसी के गमले को जमीन से कुछ ऊँचे स्थान पर रखें | उसमें यह मंत्र बोलते हुए जल चढायें :
🌷 महाप्रसाद जननी सर्वसौभाग्यवर्धिनी
आधि व्याधि हरा नित्यम् तुलसी त्वाम् नमोस्तुते
🌿 फिर ‘तुलस्यै नम:’ मंत्र बोलते हुए तिलक करें, अक्षत (चावल) व पुष्प अर्पित करें तथा वस्त्र व कुछ प्रसाद चढायें | दीपक जलाकर आरती करें और तुलसीजी की ७, ११, २१,५१ व १०८ परिक्रमा करें | उस शुद्ध वातावरण में शांत हो के भगवत्प्रार्थना एवं भगवन्नाम या गुरुमंत्र का जप करें | तुलसी के पास बैठकर प्राणायाम करने से बल, बुद्धि और ओज की वृद्धि होती है |
🌿 तुलसी – पत्ते डालकर प्रसाद वितरित करें | तुलसी के समीप रात्रि १२ बजे तक जागरण कर भजन, कीर्तन, सत्संग-श्रवण व जप करके भगवद-विश्रांति पायें | तुलसी – नामाष्टक का पाठ भी पुण्यदायक है | तुलसी – पूजन अपने नजदीकी आश्रम या तुलसी वन में अथवा यथा–अनुकूल किसी भी पवित्र स्थान में कर सकते हैं |
🌷 तुलसी – नामाष्टक 🌷
वृन्दां वृन्दावनीं विश्वपावनी विश्वपूजिताम् |
पुष्पसारां नन्दिनी च तुलसी कृष्णजीवनीम् ||
एतन्नामाष्टकं चैतत्स्तोत्रं नामार्थसंयुतम् |
य: पठेत्तां च संपूज्य सोऽश्वमेधफलं लभेत् ||
🌿 भगवान नारायण देवर्षि नारदजी से कहते हैं : “वृन्दा, वृन्दावनी, विश्वपावनी, विश्वपूजिता, पुष्पसारा, नंदिनी, तुलसी और कृष्णजीवनी – ये तुलसी देवी के आठ नाम हैं | यह सार्थक नामावली स्तोत्र के रूप में परिणत है |
🌿 जो पुरुष तुलसी की पूजा करके इस नामाष्टक का पाठ करता है, उसे अश्वमेध यज्ञ का फल प्राप्त होता है | ( ब्रह्मवैवर्त पुराण, प्रकृति खण्ड :२२.३२-३३)

