झारखंड में शुद्ध पानी उपलब्ध कराने वाले पेयजल विभाग के 13 इंजीनियर हो गए अशुद्ध, एसीबी के रडार पर, जांच से भाग रहे इंजीनियर
रांचीः राज्य की जनता को शुद्ध पानी उपलब्ध कराने वाला पेयजल विभाग अशुद्ध हो गया है। विभाग के 13 इंजीनियर एसीबी के रडार में आ गए हैं। इनके खिलाफ जांच भी शुरू हो गई है। एससीबी के रडार में आए इंजीनियरों में एसके शर्मा, डीएन प्रसाद, नीलन कुमार, रतन कुमार सिंह, महेंद्र प्रधान, रामानंद मंडल, जेपी सिंह, संवेदन संजीव कुमार, रामदेव यादव, शंकर पासवान, रासबिहारी सिंह, देवानंद सिंह, मनोज कुमार शामिल हैं। इनके खिलाफ एसीबी जांच शुरू की गई है। इन सभी पर महगामा ग्रामीण जलापूर्ति योजना में गड़बड़ी का आरोप है। आरोप यह है कि इस योजना के तहत इंजीनियरों ने प्रोजेक्ट के पूरा होने से पहले ठेकेदार को लगभग 70 लाख रुपए का भुगतान कर दिया। पूरी 1.64 करोड़ की थी। यह गड़बड़ी जांच में उजागर भी हो चुकी है। अब एसीबी जांच से घबरा कर कई इंजीनियर जांच एजेंसी को जांच में सहयोग भी नहीं कर रहे। इस मामले में एसीबी ने पेयजल विभाग को पत्र भी लिखा है। पत्र में कहा है कि इंजीनियर जांच में सहयोग नहीं कर रहे। एसीबी कार्यालय बुलाने पर भी नहीं आ रहे। बताते चलें कि इस मामले में राज्य सरकार ने प्रारंभिक जांच में दोषी पाए गए इंजीनियरों एफआइआर दर्ज करने की अनुमति दी थी।

