106 वर्षीय स्वतंत्रता सेनानी गया प्रसाद सिंह का निधन, आजादी की लड़ाई में गांधी जी के साथ सत्याग्रह व भारत छोड़ो आंदोलन में थे शामिल
अनूप कुमार सिंह,पटना/आरा: भारत छोड़ो आंदोलन व नमक सत्याग्रह में गांधी जी के साथ देश की स्वतंत्रता के लिए जान की बाजी लगाने वाले महान स्वतंत्रता सेनानी गया प्रसाद सिंह नहीं रहे।जी हां बिहार के भोजपुर जिले में सन्देश प्रखण्ड अंतर्गत अहपुरा गांव निवासी वरिष्ठ स्वतंत्रता सेनानी गया प्रसाद सिंह के निधन से शाहाबाद में शोक की लहर दौड़ गई है।वे 106 वर्ष के थे।गौरतलब हो कि शाहाबाद ही नहीं पूरे बिहार में देश की स्वतंत्रता के लिए महात्मा गांधी व राजेंद्र प्रसाद के साथ भारत छोड़ो आंदोलन व नमक सत्याग्रह में उन्होंने जोरदार तरीके से भाग लिया था। वहीं आजादी की लड़ाई में कई बार जेल गए थे।उनके पोता मुकेश कुमार ने बताया कि मेरे बाबा काफी दिनों से बीमार चल रहे थे।उनका इलाज पटना में कराया जा रहा था।उनके परिजनों ने बताया कि स्वतंत्रता आंदोलन में गया प्रसाद सिंह की काफी सक्रिय भूमिका निभा रही है।वे भारत के प्रथम राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद के साथ हजारीबाग सेंट्रल जेल में रहे थे।वहीं कई बार आरा मंडल कारा में भी रहना पड़ा था।उनके पुत्र चंद्रभूषण सिंह ने बताया कि मेरे पिताजी शाहाबाद में सबसे वरिष्ठ व चर्चित स्वतंत्रता सेनानी थे।भोजपुर जिला प्रशासन ने उन्हें आजादी की लड़ाई में बेहतरीन कार्य के लिए ताम्र_पत्र से सम्मानित किया था।बिहार व देश में सहकारिता आंदोलन के जनक पूर्व मंत्री तपेश्वर सिंह व नेफेड चेयरमैन अजीत सिंह ने भी गया प्रसाद सिंह को उनके पैतृक गांव अहपूरा में आकर सम्मानित किया था।उनके पौत्र मुकेश सिंह ने बताया कि बाबा के निधन की खबर सुनकर कई गण्यमान्य लोग पटना पहुंच कर परिजनों को सांत्वना दी।वहीं उनके पार्थिक शरीर को पैतृक गांव अहपूरा लाया गया। जहां स्थानीय अंचलाधिकारी व संदेश थानाध्यक्ष द्वारा उनके पार्थिक शरीर पर तिरंगा झंडा लपेटकर उन्हें सलामी दी गई।परिजनों के अनुसार उनके पार्थिक शरीर को बक्सर ले जाया गया।जहां उनके पुत्र चंद्रभूषण सिंह ने उन्हें मुखाग्नि दी।विदित हो कि वरिष्ठ स्वतंत्रता सेनानी की मौत की खबर सुनकर भोजपुर व पूरे शाहाबाद से हजारों लोगों ने उनके पैतृक गांव जाकर परिजनों को सांत्वना दी।

