खूंटी जिले में अवैध अफीम की खेती पर रोकथाम हेतु चलाया जा रहा “प्री-कल्टीवेशन ड्राइव”, जन-जागरूकता एवं वैकल्पिक खेती को लेकर जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे लगातार प्रयास
गणादेश,खूंटी: अवैध अफीम की खेती की रोकथाम एवं इसके विरुद्ध आमजनों को जागरूक करने के उद्देश्य से खूंटी जिले में 3 अक्टूबर से 17 अक्टूबर तक “प्री-कल्टीवेशन ड्राइव” चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत जिले के सभी प्रखंडों में विभिन्न स्तरों पर जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
अभियान के दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, थाना प्रभारी, अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी, एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि की उपस्थिति में पंचायत एवं गांव स्तर पर बैठकें आयोजित की जा रही हैं। इन बैठकों में ग्रामीणों को अवैध अफीम की खेती से होने वाले सामाजिक, आर्थिक एवं कानूनी दुष्प्रभावों की जानकारी दी जा रही है। साथ ही ग्रामीणों को यह बताया जा रहा है कि अफीम की अवैध खेती न केवल अपराध की श्रेणी में आती है बल्कि इससे समाज एवं आने वाली पीढ़ियों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
अधिकारीगण ग्रामीणों को अफीम की खेती के स्थान पर वैकल्पिक खेती के लिए प्रेरित कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त जिले में नुक्कड़ नाटक, पोस्टर, बैनर एवं सोशल मीडिया जैसे विभिन्न माध्यमों से भी आमजनों को जागरूक किया जा रहा है। नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से अफीम की खेती के दुष्प्रभावों एवं इसके कानूनी परिणामों को सरल भाषा में आम जनता तक पहुँचाया जा रहा है, ताकि वे इस कुप्रथा से दूर रह सकें।
उपायुक्त श्रीमती आर. रॉनिटा ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि वह अवैध अफीम की खेती से दूर रहें और सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही योजनाओं एवं वैकल्पिक खेती का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि अफीम उन्मूलन के लिए जनसहभागिता सबसे महत्वपूर्ण है। जिला प्रशासन के प्रयास तभी सफल होंगे जब लोग स्वयं आगे आकर इस मुहिम का हिस्सा बनेंगे।
इस अवसर पर उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे नियमित रूप से गांवों का भ्रमण कर ग्रामीणों से संवाद स्थापित करें, और सुनिश्चित करें कि जिले के किसी भी हिस्से में अवैध अफीम की खेती न हो सके।



