तेरी मेहरबानियां, तेरी कदरदानियां…….कहां तुम चले गए


समस्तीपुरः सभी को तेरी मेहरबानियां फिल्म तो याद ही होगी। जिसमें एक कुते की वफादारी ने सबको रूला दिया था। हकीकत भी है कि जानवर भी इंसान से वफादार होते हैं। अपने मालिक के लिए जान की बाजी लगाने में कोई कोरकसर नहीं छोड़ते। ऐसी ही एक वाक्या समस्तीपुर के दलस‍िंहसराय में देखने को मिला। वहां निकली एक अनोखी शव यात्रा ने बरबस ही मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया। प्रखंड के एक व्यवसायी रामविनोद स‍िंह ने अपने वफादार कुत्ते की मौत के बाद अंतिम यात्रा निकाली। नम आंखों के साथ परिवार के सभी सदस्यों ने उसे श्रद्धांजलि दी।11 वर्षों से उन्होंने एमी नामक कुत्ते को पाल रखा था। पूरी तरह शाकाहारी इस कुत्ते का इस परिवार के हर सदस्यों के साथ अटूट प्रेम था। परिवार के हर एक सदस्यों का वह चहेता था। एमी के वृद्ध होने की वजह से उसकी की मौत हो गई। उसके मौत के बाद रामविनोद स‍ि‍ंह के परिवार ने अपने चहेते कुत्ते का अंतिम संस्कार ह‍िंदू रीति रिवाज से करने का निर्णय लिया। उसकी अंतिम यात्रा निकाली गई। ह‍िंदू रीति रिवाज के साथ उसे दफनाया गया। उस जगह पर एक तुलसी का पौधा भी लगाया गया। श्री स‍िंंह ने बताया कि एमी सिर्फ एक कुत्ता नहीं, बल्कि उनके परिवार का एक वफादार व ईमानदार रक्षक भी था। वह हम सभी की ज‍िंदगी का एक हिस्सा था। जिसने पूरी वफादारी और ईमानदारी से उनके परिवार की रक्षा की है।

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