झारखंड कैडर के यंग आइएएस संवार रहे युवाओं का भविष्य
बन गए हैं प्रेरणास्त्रोत लिखी किताब, प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं को कर रहा गाइड
रांची :झारखंड कैडर के कई आइएएस अफसर दूसरों के लिए प्रेरणास्त्रोत बन गए हैं। कई अफसरों ने नीतिगत मामलों को अलमीजामा पहनाने में अपनी पचान बनाई, वहीं कई अफसर समय समय पर भावी कर्णधारों को भविष्य की राह बताने में भी कोई कोर कसर नही छोड़ हैं । झारखंड के युवाओं के बीच झारखंड कैडर के आईएएस डॉ मनीष रंजन की पुस्तक झारखंड सामान्य ज्ञान 2022 गहरी पैठ बना ली है। प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहे युवा इस किताब से अपना कंसेप्ट भी क्लीयर कर रहे हैं।
किताब में झारखंड के सभी पहलू हैं मौजूद
जेपीएससी के सिलेबस के अनुरूप यह किताब युवाओं को काफी भा रही है. किताब में झारखंड का इतिहास, झारखंड आंदोलन, झारखंड की विशिष्ट पहचान, झारखंड का लोक साहित्य, झारखंड का साहित्य और साहित्यकार, शिक्षण संस्थान झारखंड में खेलकूद, जमीन संबंधी कानून, झारखंड की विकास नीतियां, झारखंड का औद्योगिक विकास आदि विषयों पर काफी शोध एवं विस्तार पूर्वक लिखा गया है, ताकि किताब के माध्यम से पूरे झारखंड की रूपरेखा को दर्शाया जा सके.
मनीष रंजन ने पूरे शोध के साथ लिखी है किताब
आइएएस डॉ मनीष रंजन ने इस किताब के लेखन में उन्होंने काफी शोध किया है. समय-समय पर नई जानकारियां आने के पर किताब के अगले संस्करण में वह झारखंड से संबंधित नई जानकारियों का संग्रह करते आ रहे हैं. 2002 बैच के आईएएस अधिकारी डॉ. मनीष रंजन वर्तमान में ग्रामीण विकास विभाग में सचिव के पद पर झारखंड सरकार में कार्यरत हैं. उन्होंने झारखंड के विभिन्न जिलों में उपायुक्त-सह-जिला अधिकारी के रूप में आम लोगों के विकास हेतु सफलतापूर्वक कार्य किया है.
बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं मनीष रंजन
मनीष रंजन ने स्कूली शिक्षा नेतरहाट विद्यालय से पूरी की है। . उच्च पटना कॉलेज, पटना से और हिंदू कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय से प्राप्त की है। आइआरएमए, गुजरात से एमबीए की डिग्री प्राप्त करने के पश्चात उन्होंने मैनेजमेंट स्टडी में पीएचडी की डिग्री उपाधि हासिल की. डॉ रंजन कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी, बर्कले, अमेरिका से पब्लिक अफेयर में मास्टर डिग्री अर्जित की है.
गोल्ड मेडल से भी नवाजे जा चुके हैं
प्रोफेशनल करियर में उन्हें आइएएस की मेरिट में प्रथम स्थान प्राप्त करने के लिए डायरेक्टर्स गोल्ड मेडल से नवाजा जा चुका है। इन्हें लगातार दो वर्ष प्रधानमंत्री मनरेगा उत्कृष्टता पुरस्कार, भारत के महामहिम राष्ट्रपति महोदय द्वारा निर्मल ग्राम पुरस्कार मिल चुका है.

