फी रेगुलेशन एक्ट एंड सेफगार्डिंग चिल्ड्रन राइट  पर कार्यशाला का आयोजन

रांची: रांची प्रेस क्लब में ” फी रेगुलेशन एक्ट एंड सेफगार्डिंग चिल्ड्रन राइट इन प्राइवेट स्कूल ”  और उनके अधिकार को लेकर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसका मुख्य उद्देश्य था कि जो आरटीई के तहत  जो प्रोविजन है जिसमें 25% नामांकन गरीब व अभीवंचित वर्ग के बच्चों की बात प्राइवेट स्कूलों में की गई है उसकी एक रणनीति इस कार्यशाला में बनाई गई। कार्यशाला में दिल्ली, उत्तर प्रदेश ,बिहार व बंगाल के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यशाला में झारखंड अभिभावक संघ के अध्यक्ष श्री अजय राय ने भी अपना योगदान दिया । इस अवसर पर अजय राय ने झारखंड अभिभावक संघ के द्वारा किये गए कार्यो के बारे में बताया कि किस  तरह से फी रेगुलेशन  एक्ट का ड्राफ्ट तैयार करने में व उसको अमलीजामा पहनाने के साथ साथ उसके क्रियान्वयन में उन्होंने किस तरह से मदद की मांग की है। उन्होंने कहा कि आज पूरे राज्य के अंदर सरकार के निष्क्रियता के कारण यह एप्स लागू नहीं हो पा रहा है जिसका नाजायज फायदा प्राइवेट स्कूल उठा रहे हैं । उन्होंने कहा की री एडमिशन कैपिटेशन और विभिन्न मदों में फिर से स्कूलों ने वसूली शुरू की है जिस पर लगाम लगाया जाना चाहिए।
ए. के सिंह  जो झारखंड राइट टू एजुकेशन फोरम के कन्वीनर हैं उन्होंने अपनी बातें कहीं जहां पर उन्होंने कहा कि 25 परसेंट का जो नामांकन की बात है विभिन्न प्राइवेट स्कूलों में वहां पर अभी भी बहुत सारी चुनौतियां हैं लेकिन जब अभिभावक संघ स्कूल और आज फोरम भी सब मिलकर के एक साथ काम करेंगे तो इसके बेहतर परिणाम आएंगे साथ ही इसे  और बेहतर ढंग से किया जा सकता है। दूसरी बात यह भी कही उन्होंने बहुत सारे स्कूलों में जो पुराने एडमिशन किए गए उसका अभी तक सरकार की ओर से  पैसा नहीं मिला इस विषय पर सरकार को भी संवेदनशील होना होगा और ताकि भुगतान हो यह सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने कहा कि हम कहां पर हैं लोगों के साथ एक जुट  करके उसको ढंग से जो हमें शिक्षा का अधिकार मिला है उस शिक्षा के अधिकार के अंतर्गत हम लोगों को और जागरूक कर सके और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अपने आने वाले अपने करंट जनरेशन को भी हम प्रोवाइड कर सके ताकि यह डीपी में भी सहयोग कर सके और देश का मान आगे बढ़ा सके. ।
इन्हीं सब मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई और अंतिम कुछ कार्य योजना बनाया गया जहां पर लगा कि जाना है कुछ-कुछ केस जो वायलेशन के हैं उसको डॉक्यूमेंट करके और जो हम अपने जो एनसीपीसीआर हैं या और भी इस तरह के कंप्लेंट अथॉरिटी उनके साथ बात करें कुछ जगह पर कैम्प लगाकर जहां पर हम जो जहां कमजोर कड़ी  है उसका जो खुखरी को थोड़े मजबूत करें लोगों की कैपेसिटी बिल्डिंग करें उनका क्षमता वर्धन करें और इस एक्ट को लोगों तक प्रचार प्रसार करें कि तब जाकर के वह अपनी बातों को रखने में सक्षम होंगे लोग जानेंगे तभी अपनी चीजों को आगे रख सकेंगे। इस कार्यशाला में आर्थिक अनुसंधान केंद्र से विनोद सिन्हा जी रामाकांत राय संजीव सिन्हा मित्र रंजन और झारखंड अभिभावक संघ के अजय राय व उनके सहयोगी अभिभावक संघ रांची महिला  विंग की अध्यक्ष अंकिता वर्मा प्रदेश प्रवक्ता  संजय सराफ एवं झारखंड राइट टू एजुकेशन के समन्वयक श्री अवध किशोर सिंह जी वरिष्ठ पत्रकार मधुकर जी सीएसओ फोरम से अनिल जी इन सभी में भाग लिया और अपने विचारों को इस में रखा साथ ।  ऑनलाइन से जुड़ी राइट्स फोरम के एंजेला तनेजा ने भी अपनी बातें रखी जहां पर उन्होंने यह बताने की कोशिश की कि झारखंड फी ट्रिब्यूनल एक्ट में और क्या-क्या प्रावधान हो सकता है जो बाकी राज्यों में है जिससे कि हम यह जो 25% नामांकन की बात करते हैं प्राइवेट स्कूलों में उसको और बेहतर से कैसे समावेशी बनाया जा सकता है जिससे राज्य और देश दोनों को एक बल मिलेगा और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी।
कार्यशाला में नीरज भट्ट मुकेश साहू विजय सिंह हुलास राय,अमित

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