कहलगांव के मतदाताओं ने बनाया रिकार्ड, जिला टॉप रहा, भागलपुर सदर फिसड्डी – जिले में 67.29% मतदान
भागलपुर। बिहार विधानसभा आम निर्वाचन 2025 के तीसरे चरण में भागलपुर जिले ने लोकतंत्र के पर्व में पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने बताया कि जिले में कुल 67.29 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। चुनाव पूरी तरह शांतिपूर्ण और निष्पक्ष वातावरण में संपन्न हुआ
हालांकि जिले की सातों विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं का उत्साह एक समान नहीं दिखा। कहलगांव विधानसभा क्षेत्र ने इस बार रिकॉर्ड बनाया, जबकि भागलपुर सदर सीट पर उम्मीद से काफी कम मत पड़े यानी फिसड्डी साबित हुए। भागलपुर जिले में कुल 22 लाख 30 हजार 208 मतदाता हैं, जिन्होंने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इनमें 11 लाख, 49 हजार, 215 पुरुष जबकि 10 लाख, 80 हजार, 912 महिला मतदाता और 81 थर्ड जेंडर वोटर्स शामिल रहे। जिले में कुल 2686 मतदान केंद्र बनाए गए थे।
जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी और सीनियर एसपी हृदय कांत ने बताया कि मतदान के दिन जिले में स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त सुरक्षा बल की तैनाती की गई थी। सीआरपीएफ के जवानों के अलावा जिला पुलिस बल को भी सभी बूथों पर लगाया गया था। दियारा इलाके में घुड़सवार पुलिस और मोटर बोट से पेट्रोलिंग की गई। उन्होंने बताया कि जिले की सीमाओं को पूरी तरह सील कर दिया गया था और अंतरराज्यीय सीमाओं पर सघन जांच अभियान चलाया जा रहा था। बाहरी व्यक्तियों का जिले में प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया था। होटल, धर्मशालाओं और सार्वजनिक स्थलों पर जांच अभियान चलाया गया। भागलपुर के दियारा इलाके में दर्जनों वोटर जान जोखिम में डालकर नाव से गंगा पारकर मतदान के लिए जाते दिखे। मामला नारायणपुर के अठगामा का है। यहां के वोटर्स नाव से गंगा पार कर मध्य विद्यालय चौहदी प्रखंड नारायणपुर पहुंचे। वोटर्स ने कहा कि सरकार ने विकास का कोई काम नहीं किया है। आजादी के बाद से हमलोग मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं।
सांसद अजय कुमार मंडल, कहलगांव के जेडीयू प्रत्याशी शुभानंद मुकेश, पीरपैंती के भाजपा प्रत्याशी मुरारी पासवान व रामविलास पासवान (आरजेडी), भागलपुर के भाजपा प्रत्याशी रोहित पांडे, नाथनगर के प्रत्याशी जेड हसन (आरजेडी), मिथुन यादव (रामविलास – आर),विधायक ललन कुमार ने अपने अपने क्षेत्र मे मतदान किए। भागलपुर के जिलाधिकारी सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी डॉ नवल किशोर चौधरी ने भी अपने परिवार के साथ लोकतंत्र के इस महापर्व में भाग लिया। उन्होंने डीवीसी स्थित बूथ संख्या 54 पर पहुंचकर मतदान किया। मतदान के दौरान जिलाधिकारी ने आम मतदाता की तरह लाइन में लगकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतदान करने के बाद उन्होंने अपनी उंगली पर लगे स्याही के निशान को गर्व से दिखाया और बूथ परिसर में बने सेल्फी पॉइंट पर जाकर सेल्फी भी ली।
विधानसभा क्षेत्र मतदान प्रतिशत
152 – बिहपुर 65.43%
153 – गोपालपुर 69.19%
154 – पीरपैंती (अजा) 71.44%
155 – कहलगांव 72.88% (सर्वाधिक)
156 – भागलपुर 56.47% (न्यूनतम)
157 – सुल्तानगंज 65.46%
158 – नाथनगर 70%
जिले का औसत मतदान प्रतिशत 67.29% रहा, जो पिछले विधानसभा चुनाव की तुलना में बेहतर प्रदर्शन माना जा रहा है।
भागलपुर सदर विधानसभा में प्रशासन की लगातार अपीलों और जागरूकता अभियानों के बावजूद मतदाताओं की उदासीनता स्पष्ट दिखी। मतदान केंद्रों पर दोपहर बाद तक भी सन्नाटा पसरा रहा। दिलचस्प यह रहा कि यह सीट भाजपा के लिए प्रतिष्ठा की मानी जा रही थी। पटना से लेकर दिल्ली तक के नेताओं ने कैंप किया, पर फिर भी मतदान प्रतिशत कम रहा।
जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, भागलपुर जिला में बिना किसी अप्रिय घटना के चुनाव संपन्न हुआ। प्रशासन और पुलिस बल ने पूरे मनोयोग से अपना कर्तव्य निभाया। मैं जिले के सभी मतदाताओं और कर्मियों का धन्यवाद करता हूं जिन्होंने लोकतंत्र को सशक्त बनाया।
वरीय पुलिस अधीक्षक हृदय कांत ने बताया कि जिले में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतज़ाम किए गए थे। हर बूथ पर पारा मिलिट्री फोर्स और जिला पुलिस की तैनाती की गई थी। संवेदनशील इलाकों में घुड़सवार पुलिस गश्ती करती रही, जबकि नदी किनारे के बूथों पर मोटर बोट से निगरानी की गई। एसएसपी ने बताया कि इस बार किसी भी विधानसभा क्षेत्र से हिंसा, अव्यवस्था या गड़बड़ी की कोई सूचना नहीं आई।
जिला प्रशासन ने मतगणना तक सतर्कता बरतने की बात कही है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इस बार मतदाताओं की सक्रियता और शांतिपूर्ण मतदान ने पूरे प्रदेश के लिए भागलपुर को एक मिसाल के रूप में स्थापित किया है।



