कार्तिक मास की चैती छठ का महत्व बहुत कम लोग जानते हैं….
रांची : हिन्दू पंचांग के अनुसार साल में दो बार छठ महापर्व मनाया जाता है। एक कार्तिक मास में पड़ने वाली और दूसरी चैत्र मास में पड़ने वाली, हालांकि कार्तिक मास में पड़ने वाली छठ पूजा का ज्यादा महत्व है। इस पर्व में भी सूर्य की उपासना करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि चैती छठ रखने से सूर्य देव की बहन छठी मइय्या प्रसन्न होती है जिससे परिवार में सुख-शांति और धन-धान्य बढ़ता है। कार्तिक मास की छठ के आधार में चैती छठ को काफी कम लोग जानते हैं। चैती छठ पूजा के नियम-कानून व पूजा विधी भी कार्तिक मास में पड़ने वाली छठ के जैसी ही होती है।
छठ पर्व की तिथियां
5 अप्रैल (मंगलवार) नहाय-खाय
6 अप्रैल (बुधवार) खरना
7 अप्रैल (गुरुवार) शाम का अर्घ्य
8 अप्रैल (शुक्रवार) सुबह का अर्घ्य

